बतौर मुख्यमंत्री प्रदेश के कई मुद्दों पर भूपेश ने ली अफसरों की 8 घंटे की पहली क्लास

Bhupesh baghel

8 घंटे मैराथन बैठक ली मुख्यमंत्री बघेल ने

बिजली शिकायतों पर सीएम का रुख सख्त

रायपुर (khabargali) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार गुरुवार को कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस लेकर प्रदेश की समस्याओं पर अफसरों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री भूपेश ने राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के सभी संभागों के कमिश्नर, जिला कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगर निगमों के आयुक्त की उपस्थिति में मुख्य 16 बिंदुओं सहित करीब 2 दर्जन बिन्दुओ की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों को जहां बेहतर शासन और समस्यामुक्त प्रशासन देने की समझाईस देते हुए नये टॉस्क दिये वहीं विद्युत कटौती, डीएमएफ फंड जैसे मामलों पर अफसरों की क्लास भी लगाई।

गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से लगातार विद्युत कटौती की शिकायतें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि वे विद्युत कटौती की समस्या का तुरंत समाधान करायें। इसके लिए प्रत्येक जिलों में कलेक्टर सीएसईबी के अधिकारियों के साथ बैठक कर वह आने वाली समस्याओं का निराकरण कराएं। कांफ्रेंस में भूमिगत जल का स्तर बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक नालों को रिचार्ज करने को लेकर भी चर्चा की गयी। सीएम ने इस दौरान अफसरों को इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा।

उन्होंने कहा कि तालाब गहरा हो, बोर खोदें तो रिचार्जिंग भी कराएं। मुख्यमंत्री ने बरसात के पहले कच्ची मिट्टी, बोल्डर चेकडैम और नालाबंधान के कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। शहरों का गंदा पानी नदियों में जाने को रोकने के संबंध में भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। जवाब में अधिकारियो ने बताया कि अमृत मिशन योजना के तहत इस पर कार्य को किया जा रहा है। 5 शहरों में सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट बनाये जा रहे हैं। उद्योग स्थापित करने को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि उपज और वनोपज आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा।

वहीं कृषि और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन और वनोपज संग्रहण के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ने को कहा। डीएमएफ फंड को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिला खनिज न्यास निधि की राशि का उपयोग जीवन स्तर उन्नयन में हो। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि से निर्माण के स्थान पर खनन प्रभावित लोगों की शिक्षा ,स्वास्थ्य, रोजगार के काम हों। राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाएं मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के पेंडिंग केस को लेकर नाराजगी भी दिखायी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाएं, जमीनों के बंदोबस्त त्रुटियों के निराकरण के लिए अफसर नियमित कैंप लगाये जाये, ताकि लोगों को परेशानी से दो चार ना होना पडे।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को कार्यालयों के निरीक्षण करने के भी निर्देश कांफ्रेंस के दौरान दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि संभागायुक्त हर दिन कम से कम एक अधीनस्थ कार्यालय का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि संभागायुक्त कलेक्टरेट, अनुविभागीय दंडाधिकारी और तहसील कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि लोक सेवा गारण्टी योजना में वास्तविक निराकरण होना चाहिये और आवेदक निराकरण की गुणवत्ता से संतुष्ट होना चाहिए । लोक सेवा गारंटी का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने संभागायुक्तों को लगातार मानिटरिंग और तहसील कार्यालयों के दौरा करने का निर्देश दिया गया है।

खाली जगहों पर पौधारोपण करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अफसरों को नदियों के किनारे की खाली जगहों पर पौधारोपण करने का आदेश दिया। उन्होंने नदी किनारे वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य तय कर जल्द काम शुरू करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण में ज्यादा से ज्यादा पौधों को बचाने पर जोर दिया जाये, साथ ही साथ वन विभाग द्वारा फेंसिंग के साथ साथ ड्रिप इरीगेशन या सिचाई की व्यवस्था के निर्देश भी दिये गये। वहीं लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से सिंचाई के लिए शबरी नदी के किनारे सोलर पंप स्थापित करने का निर्देश भी अफसरों को दिया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में प्रशासनिक कसावट लाने के दिशा निर्देश का कांग्रेस ने किया स्वागत

वही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कामकाज के बीच समन्वय स्थापित करते हुये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रत्येक योजना कार्यक्रम को पूरा करने के लिए समयबद्ध तथा परिणाम मूलक कार्य योजना एवं जनता से जुड़े सभी विभागों के कार्यों समन्वय पर जोर देने और काम में देरी ना हो इस दिशा में सभी कलेक्टरों को दिशा निर्देश देने का प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने स्वागत करते हुये कहा है कि सभी पांचों बिन्दुओं से प्रदेश के आम लोगों को सरकारी कामकाज में सहूलियत होगी और इससे कांग्रेस सरकार की संवेदनशीलता स्पष्ट है।

मुख्यमंत्री के आज के बैठक से होगा ये असर

  1. 1 जनहितकारी योजनाओं के अमल पर कोताही बरतने पर कड़ी कार्रवाई होगी। 2 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा निर्देश से प्रदेश में बेहतर कामकाज जनता के प्रति संवेदनशील होगा। 3 सरकार और प्रशासन सीधे पहुंचेगी जनता के द्वार का कार्यक्रम तैयार रखने के निर्देश से स्पष्ट है। 4 सरकारी और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई देरी ना हो। 5 भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन बनाने के लिए लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा संबंधित नियम कानूनों के तहत समय सीमा में सारे काम पूरा हो यह सुनिश्चित करे।
Category