गृहमंत्री अमित शाह से मिले जम्मू-कश्मीर के 100 ग्राम प्रधान, बोले- अनुच्छेद 370 हटने के बाद मिली नई दिशा

amit shah meeting with sarpanch

कश्मीर में अगले 10 से 15 दिनों में संचार व्यवस्था पूरी तरह से चालू होगी - शाह

पंच और सरपंच को दो लाख का बीमा मिलेगा

जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए गृहमंत्रालय में अहम बैठक हुई। इस बैठक की खास बात ये थी कि इसमें राज्य के सरपंच शामिल हुए।  प्रतिनिधिमंडल में जम्मू, श्रीनगर, पुलवामा और लद्दाख से करीब 100 लोग शामिल थे। पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद से वहां से आए लोगों की यह पहली मुलाकात थी। उन लोगों ने कहा कि राज्य अब विकास की नई इबारत लिखने के लिए तैयार है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद 73 अमेंडमेंट लागू होंगे. साथ ही पंच और सरपंच को दो लाख का बीमा मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान सरकार ने भरोसा दिलाया कि कश्मीर में अगले 10 से 15 दिनों में संचार व्यवस्था पूरी तरह से चालू हो जाएगी।

 
नई दिल्ली(khabargali) गृहमंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक में शामिल सरपंचों ने कहा कि एनडीए सरकार मे अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाकर राज्य को मुख्यधारा में जोड़ा है। सरपंचों ने कहा कि राज्य के विकास में मुख्यधारा की पार्टियों ने सिर्फ आम जनता को छला। कुछ लोगों ने अपनी शक्ति का बेजा इस्तेमाल करते हुए आम लोगों को सत्ता से दूर रखा। जिन योजनाओं को जमीन पर उतरना चाहिए था वो फाइलों में ही सिमट कर रह गई थीं। लेकिन अब राज्य की सूरत बदल रही है। अमित शाह के साथ प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बारे में गृह मंत्रालय ने कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन यह समझा जा रहा है कि सरकार के लोगों में विश्वास बढ़ाने के उपायों के तहत यह भेंट हुई है।

 92 पुलिस स्टेशन से पाबंदियों को हटा लिया गया

अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू और लद्दाख में हालात पूरी तरह सामान्य है, इसके साथ ही कश्मीर घाटी के 92 पुलिस स्टेशन से पाबंदियों को हटा लिया गया है। जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि राज्य के विकास में धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी और इसके लिए स्थानीय लोगों को सहयोग लिया जाएगा। इस सिलसिले में मंगलवार को गृहमंत्रालय में अमित शाह ने राज्य के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की।

 जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल हुए

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद रियासी में सेना ने भर्ती अभियान चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। भर्ती में शामिल हो रहे युवकों ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मुख्य धारा में शामिल होने का मौका मिल रहा है। इस संबंध में सेना का कहना है कि आम युवाओं के साथ साथ उन गुमराह लोगों से भी अपील है कि वे मेनस्ट्रीम में जुड़ने के लिए आगे आए ताकि घाटी से दहशतगर्दी खत्म हो सके।

 सरपंच को गांव के विकास में सीधा भागीदार बनाने की रणनीति

बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि कैसे विकास की राशि सरपंचों तक पहुंचे ताकि इस पैसे से गांव की असल समस्या से निपटा जा सके. इसके अलावा अन्य कई कदमों पर विचार किया गया जिसमें कश्मीर के गांव के सरपंच को गांव के विकास में सीधा भागीदार बनाने की रणनीति पर बात हुई.

बैठक में गृह मंत्रालय के आला अधिकारी और कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर सहित अन्य नुमाइंदे शामिल हुए. केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, गृह सचिव एके भल्ला, अतिरिक्त सचिव ज्ञयानेश कुमार शामिल हुए.

 राज्यपाल मलिक ने राष्ट्रपति को ताजा हालात की जानकारी दी

इस बैठक से पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और ताजा हालात की जानकारी दी। सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारे में वो लोग ज्यादा दुष्प्रचार कर रहे हैं जिनका राज्य के विकास से लेना देना नहीं था। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि दरअसल राज्य के कुछ दलों को ये बात नहीं पच पा रही है कि शासन और सत्ता की बागडोर अब आम लोगों के हाथ में जा रही है। हम चाहते हैं कि जो लोग जम्मू-कश्मीर के विषय में दुष्प्रचार कर रहे हैं वो जमीनी हकीकत को जाने बगैर किसी तरह की टिप्पणी करने से बचें।