संत महासभा ने छत्तीसगढ़ प्रशासन से रुष्ट होकर पूछे कई सवाल

Sant Mahasabha, Swami Rajeshwaranand, Raipur, Khabargali,

 

Sant Mahasabha, Swami Rajeshwaranand, Raipur, Khabargali,

रायपुर (khabargali) वैश्विक महामारी कोरोना के चलते ब्राह्मण गण जो पुजा पाठ कर अपने परिवार को पालते हैं पर घोर आर्थिक संकट गहराया हुआ है। संत महासभा के स्वामी राजेश्वरानंद ने सभा की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया है जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से कई प्रश्न किए हैं। स्वामी राजेश्वरानंद ने कहा कि पूजा पाठ करने वाले मंदिर के पुजारी, पंडितों की मौत कोरोना से तो नहीं होगी किन्तु आर्थिक मंदी रूपी दानव जरूर निकल लेगा। दुखित मन से संत महासभा के स्वामी राजेश्वरानंद ने अनेकों बार गुहार लगाई सत्ता में बैठे मठाधीशों से लेकिन मुखिया दाऊजी के कानों में जूं तक नही रेंगी। जब जिलाधीश महोदय सब्जी मंडी वालों को सोशल डिस्टनसिंग का पाठ पढ़ा रहे थे वहीं सत्तारूढ़ दल के लोग कोविड 19 को भूलकर बेपरवाह होकर रैलियों में शामिल हुए । पूरे भारत मे कहीं भी ऐसा नही हुआ छत्तीसगढ़ राज्य ही एक ऐसा एकलौता राज्य हैं जहां साधु संतों की अवमानना की जाती है। उनकी जायज मांगों को नाजायज बताकर वेर्ट्यूएल (Virtual) प्रदर्शन को प्रशासन अनुमति नही देता है।

साधु संतों का कहना है कि मदिरा और नशे की अन्य सामग्री तो धड़ल्ले से बिक रही है, लॉक डाउन में पार्टी भी माफ है। अगर सरकार को ब्राह्मण समाज से इतना परहेज है कि उनकी उचित मांगों को देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है । स्वामी राजेश्वरानंद समस्त साधु संत पंडित समाज से आह्वान करते हैं कि इस प्रकार का दोहरा मापदंड बर्दास्त नही किया जाएगा। इस विषय में संत महासभा के प्रमुख सलाहकार अनूप मसंद अंतर्राष्ट्रीय हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ,आचार्य कामता प्रसाद पंडित कीर्ति भूषण पांडे अजय शरण भागवताचार्य पंडित लक्ष्मी कांत उपाध्याय पंडित राम कृष्ण त्रिपाठी पंडित शशिकांत आचार्य बुद्धि विलास पंडित नागेश शर्मा स्वामी गौतमानंद निराहार संत ( किन्नर संत महासभा से ) रमा सौम्या आदि के मतनुसार कुंठित सोच का त्याग करके सर्व साधु समाज की समस्याओं पर चिंतन मनन करके उचित मानदेय परितोष स्वरूप प्रदान किया जाना चाहिए। नर है तो नारायण है दरिद्रता से विनाश ही होगा । इसलिए प्रदेश के मुखिया से मनुहार है कि पदभार ग्रहण समय जो सौगंध खाई जाती है उसका स्मरण करें कि राग द्वेष से ऊपर उठकर राजनीति करूँगा । आज परशुराम जी के वंशजों का छत्तीसगढ़ में त्राहिमाम त्राहिमाम मचा है।

पंडितो ने दागे ये सवाल

1. मंदिर बंद रहेंगे, मयखाने खुलेंगे, रात्रि 9 बजे तक शराब दूकानें खुलेगी जबकि अन्य दुकानें 6 बजे बंद होंगी,होटल खुले रहेंगे ?

2. नवरात्रि में गरबा/ डांडिया नहीं होगा,जिंदाबाद/ मुर्दाबाद चालू रहेगा?

3. माता की मूर्ति 6 फुट से बड़ी नहीं होगी, नेता जी का कटाउट कितना भी बड़ा हो सकता हैं ?

4. शादी समारोह में 100 से ज्यादा लोग सम्मलित नहीं होंगे,राजनीतिक जलूस में हजारों/लाखों की संख्या में लोग जा सकते है ?

5. 10×10 का मंच मूर्ति स्थापना के लिए,राजनीतिक सभा के लिए मंच की लंबाई चौड़ाई पर कोई प्रतिबंध नहीं ?

6. नवरात्रि में डीजे और साउंड पर प्रतिबंध, राजनीतिक कामों में कोई प्रतिबंध नहीं ?

7. स्कूल/कॉलेज बंद रहेंगे, पार्टी कार्यालय खुले रहेंगे ?

8.दुकानदारों / ग्राहकों को मास्क पहनना अनिवार्य हैं राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को छूट हैं?

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