26 जनवरी से पहले दिल्ली में अलर्ट, मेट्रो स्टेशनों और व्यस्त इलाकों वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाए

Delhi on alert ahead of January 26; posters of wanted terrorists put up at metro stations and busy areas

नई दिल्ली (खबरगली) देश की राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। इसी कड़ी में मेट्रो स्टेशनों, चौराहों और व्यस्त बाजारों में ताजा ‘मोस्ट वांटेड’ आतंकियों के पोस्टर चिपकाए गए हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये पोस्टर आम जनता को सतर्क करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का भी संकेत देते हैं। एजेंसियां जनता से अपील कर रही हैं कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि परेड और आसपास के इलाके पूरी तरह सुरक्षित रहें।

खालिस्तान टाइगर फोर्स का सरगना अर्श डल्ला टॉप पर

एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र लगाए गए पोस्टरों में सबसे प्रमुख नाम अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का है। वह खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का चीफ है। पहले पंजाब में गैंगस्टर के तौर पर सक्रिय अर्श डल्ला अब कनाडा से अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क चला रहा है।

हरदीप सिंह निज्जर की जून 2023 में कनाडा में मौत के बाद उसने संगठन की कमान संभाली। खुफिया एजेंसियां इसे सांप्रदायिक अशांति फैलाने का मास्टरमाइंड मानती हैं। सबसे चर्चित मामला 2022 का है, जब दिल्ली में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या कराई गई। हत्या के पीछे की वजह यह थी कि शिकार के शरीर पर शिव और त्रिशूल का टैटू था।

अर्श डल्ला फिलहाल कनाडा में है, जहां हाल ही में उसकी एक गोलीबारी घटना में शामिल होने की खबर सामने आई। भारतीय एजेंसियां उसके नेटवर्क को खत्म करने में जुटी हैं, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह में कोई भी अप्रिय घटना न हो।

अन्य खालिस्तानी आतंकी भी लिस्ट में शामिल

सुरक्षा पोस्टरों में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रंजीत सिंह नीता और परमजीत सिंह पम्मा के नाम भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, नीता लंबे समय से हथियार तस्करी और बॉर्डर पार मिलिटेंसी में सक्रिय है, जबकि पम्मा अलगाववादी गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक्स और फंडिंग का इंतजाम करता है। दिल्ली पुलिस इन सभी पोस्टरों के माध्यम से साफ संदेश दे रही है कि खालिस्तानी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा एजेंसियां देश की राजधानी में किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

जिहादी तत्वों पर भी सख्त नजर

दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां खालिस्तानी धमकियों के साथ-साथ जिहादी तत्वों पर भी नजर बनाए हुए हैं। नए पोस्टरों में शामिल नामों में संभल के दीपा सराय से जुड़े शरजील अख्तर, आईएस मॉड्यूल केस में वांटेड मोहम्मद रेहान, और अल-कायदा से जुड़े झारखंड के चतरा निवासी मोहम्मद अबू सुफियान शामिल हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जनता को सतर्क करने के साथ-साथ यह संदेश देने के लिए भी है कि राजधानी में किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पोस्टरों के जरिए दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और सतर्कता का प्रभावी संकेत दे रही है।

सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद अबू सुफियान ने 2012 में जमशेदपुर के एक मदरसे में ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद वह पाकिस्तान गया और नेपाल होते हुए 2015 में भारत लौटा। भारत में उसने मौलाना अब्दुल रहमान से संपर्क कर अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के लिए कैडर तैयार करना शुरू किया। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सुफियान कभी गिरफ्तार नहीं हुआ। वर्तमान में वह संभवतः अफगानिस्तान या पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में है और भारत में स्लीपर सेल्स के जरिए युवाओं को भर्ती और ट्रेनिंग दे रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसकी कड़ी निगरानी कर रही हैं ताकि राजधानी दिल्ली सहित अन्य हिस्सों में कोई आतंकवादी गतिविधि न हो।

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