रायपुर(खबरगली) प्रदेश के सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में टीचर व पीजी छात्रों के लिए नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (एनईएलएस) सेंटर बनेगा। ये सेंटर नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के अलावा सिम्स बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा व जगदलपुर में बनाए जाएंगे। इसकी मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। इन सेंटरों में फैकल्टी व पीजी छात्रों को इमरजेंसी इलाज के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
पीजी की पढ़ाई में भी इस सिस्टम को शामिल किया जाएगा। इस सेंटर के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2.70 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा। मेक इन इंडिया के तहत केंद्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे सेंटर खोल रही है। छत्तीसगढ़ में 10 में 7 मेडिकल कॉलेजों में यह सेंटर बनाया जाएगा। कांकेर व महासमुंद के मेडिकल कॉलेज में अभी बिल्डिंग नहीं बनी है। इसी तरह अंबिकापुर में हाल में नई बिल्डिंग का लोकार्पण किया गया है। इसलिए अभी यहां यह सेंटर नहीं बनेंगे। मेडिकल एजुकेशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह सेंटर 405 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा।
जानकारों का कहना है कि स्किल सेंटर छात्रों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। इस सेंटर में सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी के इमरजेंसी में लगे डॉक्टर, नर्स व पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण मिलेगा। इसकी अवधि 5 से 7 दिन की होगी। ट्रेनिंग का फायदा ये होगा कि टीचर भी कुशल हो जाएंगे। सबसे ज्यादा फायदा पीजी छात्रों को होगा, जो ट्रामा या इमरजेंसी में ड्यूटी करते हैं। दरअसल कई बार मरीज आता है तो उसकी स्थिति काफी गंभीर होती है। सबसे पहले पीजी छात्रों को मरीज की स्थिति स्थिर बनाए जाने का प्रयास करना होता है। ताकि मरीज क्रिटिकल तो रहे, लेकिन जान बची रही। मौके पर पीजी छात्र ही होते हैं इसलिए उन्हें ट्रेनिंग से काफी फायदा होगा। इससे मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
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