रायपुर (खबरगली) छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जेल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य शासन ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुमोदन के बाद बीजापुर और नारायणपुर की उप जेलों को जिला जेल के समकक्ष दर्जा देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से जेलों की क्षमता बढ़ेगी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता के अनुसार, दोनों उप जेलों को जिला जेल का दर्जा मिलने के बाद उनकी बंदी क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। जेलों में स्थायी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।इसके अलावा बंदियों के पुनर्वास के लिए कौशल विकास (वोकेशनल ट्रेनिंग) और सुधारात्मक कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
परिजनों को नहीं करनी पड़ेगी लंबी यात्रा
अब बीजापुर और नारायणपुर के बंदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए दंतेवाड़ा या जगदलपुर नहीं जाना पड़ेगा। जिला स्तर पर ही मुलाकात की सुविधा उपलब्ध होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी। खासकर दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
नए पद सृजित होने की संभावना
जेलों के उन्नयन के साथ जेल अधीक्षक, जेलर, जेल प्रहरी, मेडिकल स्टाफ और अन्य आवश्यक पदों के सृजन की संभावना भी है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और जेलों का बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जेल प्रबंधन को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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