रायपुर (खबरगली )रक्षाबंधन के अवसर पर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में एक अनूठी पहल की। समिति ने उन महिलाओं के बीच पहुंचकर रक्षाबंधन मनाया, जिन्हें कभी जादू-टोना और टोनही के संदेह में शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। इस दौरान प्रताड़ित महिलाओं ने समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र को राखी बांधी। समिति पिछले कुछ वर्षों से अंधविश्वास के कारण समाज में प्रताड़ित और बहिष्कृत महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से इस तरह के अभियान चला रही है।
टोनही प्रताड़ना की शिकार महिलाओं से मिले डॉ. दिनेश मिश्र
अभियान के तहत समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र अपने साथियों के साथ खरोरा और महासमुंद के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने टोनही के आरोप में प्रताड़ित महिलाओं और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान महिलाओं ने डॉ. दिनेश मिश्र को राखी बांधी। महिलाओं ने बताया कि प्रताड़ना की घटनाओं के बाद भी कई मामलों में उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और सजा नहीं होने से उन्हें आज भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. दिनेश मिश्र ने महिलाओं को हर संभव मदद और मार्गदर्शन का भरोसा दिलाते हुए कहा कि समिति उनके साथ खड़ी रहेगी।
पंचायतों में लगाए जाएंगे जागरूकता पोस्टर
ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के दौरान समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों से भी संवाद किया। डॉ. दिनेश मिश्र ने ग्रामीणों को टोनही प्रताड़ना और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई। समिति की ओर से ग्रामीणों को पोस्टर, पंपलेट और किताबें वितरित की गईं, जिन्हें पंचायतों में लगाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता का संदेश पहुंच सके।
डॉ. दिनेश मिश्र बोले- कोई महिला टोनही नहीं होती
डॉ. दिनेश मिश्र ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जादू-टोने का कोई अस्तित्व नहीं है और कोई महिला टोनही नहीं होती। उन्होंने कहा कि पुराने समय में बीमारियों और प्राकृतिक आपदाओं के वैज्ञानिक कारणों की जानकारी नहीं होने के कारण लोग इन्हें जादू-टोने से जोड़ देते थे। उन्होंने कहा कि कई बार किसी बीमारी, फसल खराब होने या पशुओं के बीमार पड़ने पर किसी विशेष महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगा दिया जाता है। यही अंधविश्वास आगे चलकर महिलाओं के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार और हिंसा का कारण बनता है।
बीमारी फैलने के पीछे हो सकते हैं वैज्ञानिक कारण
डॉ. मिश्र ने ग्रामीणों को बीमारी और संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गंदगी, प्रदूषित पेयजल, दूषित भोजन तथा मक्खी-मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण मौसमी, वायरल और संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से साफ पानी पीने, भोजन को दूषित होने से बचाने, आसपास स्वच्छता रखने और मच्छर-मक्खियों की रोकथाम करने की अपील की।
अंधविश्वास से बचने और जागरूक रहने की अपील
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों से किसी भी तरह के अंधविश्वास में न पड़ने की अपील की। समिति ने कहा कि बीमारी या किसी अन्य समस्या को जादू-टोने से जोड़ने के बजाय उसके वैज्ञानिक और वास्तविक कारणों को समझना जरूरी है। समिति का यह अभियान टोनही के आरोप में प्रताड़ित महिलाओं को सामाजिक सम्मान दिलाने और ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की दिशा में जारी रहेगा।
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