बिलासपुर (खबरगली) पत्नी द्वारा पति को उसके सांवले रंग और मोटे शरीर को लेकर ताने देने का आरोप तलाक का आधार नहीं बन सकता। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक वैवाहिक विवाद में यह टिप्पणी करते हुए पति की तलाक की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि केवल आरोप लगाने से क्रूरता साबित नहीं होती, इसके लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य जरूरी हैं। जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने चांपा निवासी आकाश घोष की अपील पर यह फैसला सुनाया। पति ने फैमिली कोर्ट द्वारा तलाक की अर्जी खारिज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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