कुदरत का कहर, आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत, बेमौसम बारिश से फसलें तबाह

 Natural disaster: Young man killed by lightning, crops destroyed by unseasonal rain raipur chhattisgarh khabargali

रायपुर (खबरगली)   प्रदेश में मौसम ने रविवार को अचानक करवट बदली, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खाड़ी क्षेत्र में बने कम दबाव के तंत्र और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से रायपुर, महासमुंद, धमतरी, राजनांदगांव और कांकेर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने आगामी एक सप्ताह के लिए प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों और आम जनता की चिंताएं बढ़ गई हैं। 

महासमुंद जिले में तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। खाड़ी के सिस्टम के चलते चली आंधी ने रायपुर मार्ग पर कहर बरपाया, जिससे करीब 12 से 13 विशाल पेड़ उखड़कर सड़क पर आ गिरे। इसके कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप रहा। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से पेड़ों को हटाने का काम शुरू किया, जो अगले दिन तक जारी रहा। आंधी इतनी तेज थी कि शहर के बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर भी ताश के पत्तों की तरह उड़ गए। रायगढ़ जिले में सुबह बारिश हुई है। इससे फसलों को नुकसान हुआ है।

पाखंजूर: खेत में पानी दे रहे युवक पर गिरी बिजली

कांकेर जिले के पाखंजूर (सुभाष नगर) से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां पीव्ही-12 निवासी आशुतोष विश्वास सुबह अपने मक्के के खेत में पानी देने गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ उन पर आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव में मातम फैला दिया है।

बारिश के बाद उमस ने छुड़ाए पसीने

राजनांदगांव और धमतरी जिलों में भी रविवार सुबह मौसम का मिजाज बदला रहा। राजनांदगांव में सुबह करीब 7 बजे तेज गर्जना के साथ 15 मिनट तक जोरदार बारिश हुई। हालांकि, कुछ देर बाद ही कड़ी धूप निकल आई, जिससे उमस और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। धमतरी में भी तड़के 5:45 बजे आसमान काले बादलों से घिर गया और आधे घंटे तक अच्छी बारिश हुई। मगरलोड ब्लॉक के करेली बड़ी, खट्टी और कुंडेल जैसे क्षेत्रों में भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

गेहूं और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान

बेमौसम हुई इस बारिश ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़ दी है। कई सरकारी खरीदी केंद्रों और खलिहानों में खुले में रखा धान भीग गया है, जिससे सूखत और सड़ने की आशंका बढ़ गई है। राजनांदगांव में तेज हवा के कारण आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पेड़ों से कच्ची अमिया गिर गई हैं। वहीं, सब्जी की फसलों और मक्के की खेती पर भी विपरीत असर पड़ा है।

मौसम विभाग की चेतावनी: जारी रहेगा अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आंध्रप्रदेश के तटीय क्षेत्रों में बने चक्रवात के कारण नमी आ रही है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली कड़कने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
 

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