छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में झमाझम., लबालब हुए बांध, 6 जिलों में सूखे की आहट

 Heavy rainfall across 27 districts of Chhattisgarh; dams filled to the brim; signs of drought in 6 districts. raipur hindi news khabrgali

रायपुर (खबरगली)  छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून ने मौसम वैज्ञानिकों के कम बारिश के पूर्वानुमान को पूरी तरह पलट दिया है। शुरुआती आकलन में मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई थी, लेकिन जून से अगस्त के अंत तक हुई जोरदार बारिश से राज्य सराबोर हो चुका है। 30 अगस्त तक प्रदेश में कुल 898.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे अधिकांश इलाकों में पानी की चिंता दूर हो गई है। बारिश के इस मजबूत दौर से प्रदेश के जलाशयों की सेहत में बड़ा सुधार हुआ है। 

राज्य के कुल 33 छोटे-बड़े बांधों में से 29 बांधों में पानी की कोई कमी नहीं है, जबकि महज 4 बांध ऐसे हैं जहां जलभराव 50 प्रतिशत से कम है। प्रदेश के 12 बड़े बांधों में स्थिति बेहद मजबूत है। हालांकि, मानसून की यह राहत पूरे प्रदेश में एक समान नहीं है।  जहां 27 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई है, वहीं 6 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। सरगुजा संभाग बारिश की कमी से सबसे ज्यादा जूझ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर खेती-किसानी प्रभावित होने की आशंका बन गई है।

कृषि क्षेत्र को संजीवनी सितंबर में भी राहत के संकेत

इस खरीफ सीजन में राज्य में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई की गई है। इसके लिए किसानों को 4.58 लाख क्विंटल बीज और करीब 12 लाख टन उर्वरक आवंटित किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (लालपुर) के अनुसार, सितंबर के पूरे महीने अलग-अलग तारीखों में बारिश के संकेत हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में बियासी के बाद धान की फसल को पकने के लिए सितंबर तक पानी की जरूरत होगी, जो इस बारिश से पूरी होने की उम्मीद है।

प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थिति (प्रतिशत में):

सोंढूर (धमतरी, सोंढूर नदी): 100%

कोडार: 100%
मिनीमाता बांगो (कोरबा, हसदेव नदी): 92.25%

गंगरेल (धमतरी, महानदी): 89.96%
दुधावा (कांकेर, महानदी): 81.16%

सिकासर: 81%
तांदुला (बालोद, तांदुला नदी): 77.47%

कम बारिश वाले 6 जिले (कमी का प्रतिशत): बेमेतरा (-41%), सरगुजा (-39%), कांकेर (-37%), जशपुर (-33%), कबीरधाम (-20%), कोरिया (-20%)।

100% से अधिक बारिश वाले प्रमुख जिले (वर्षा का प्रतिशत): सारंगढ़-बिलाईगढ़ (166%), बलरामपुर (157%), रायपुर (130%), महासमुंद (130%), नारायणपुर (121%), कांकेर (121%), गरियाबंद (120%), मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (116%), जांजगीर-चांपा (114%), बालोद (108%), कोरबा (105%), सक्ती (105%), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (102%), दुर्ग (100%)।

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