छत्तीसगढ़ में 'मधुशाला' ने गाड़े झंडे: होली पर शराब की रिकॉर्डतोड़ बिक्री, 2 दिन में 179 करोड़ का जाम छलका 

'Madhushala' sets new record in Chhattisgarh: Record-breaking liquor sales on Holi, liquor worth Rs 179 crore sold in 2 days, Excise Department, Raipur, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ में इस साल रंगों के त्योहार होली पर शराब प्रेमियों ने अपने ही पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आबकारी विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मात्र दो दिनों के भीतर देसी और विदेशी शराब की कुल बिक्री 1 अरब 79 करोड़ रुपये (179 करोड़) के पार पहुंच गई है। 

बिक्री के प्रमुख आंकड़े

3 मार्च (होली से पूर्व): प्रदेशभर में एक ही दिन में 128 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकी। यह अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय बिक्री का नया रिकॉर्ड है, जिसने पिछले साल 31 दिसंबर के 124 करोड़ के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

5 मार्च: त्योहार के बाद भी मांग बनी रही और करीब 51 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई।

सामान्य बनाम रिकॉर्ड: छत्तीसगढ़ में सामान्य दिनों में औसत दैनिक बिक्री लगभग 40 करोड़ रुपये होती है, लेकिन होली के मौके पर यह आंकड़ा 3 गुना से भी अधिक बढ़ गया। 

राजधानी रायपुर का हाल: अकेले राजधानी रायपुर में शराब प्रेमियों ने चार दिनों के दौरान 58 करोड़ 10 लाख रुपये की शराब गटक ली। जिले में 3 मार्च को ही अकेले 58 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री दर्ज की गई थी।  वहीं 2 मार्च को 15 करोड़ 94 लाख रुपये और 1 मार्च को 12 करोड़ 11 लाख रुपये की शराब खरीदी गई।

बिक्री में वृद्धि का कारण: जानकारों के मुताबिक, नई आबकारी नीति और त्योहार के दौरान पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता के कारण इस बार राजस्व में भारी उछाल देखने को मिला है। विभाग ने बढ़ती मांग को देखते हुए पहले से ही अतिरिक्त परिवहन और स्टॉक के पुख्ता इंतजाम किए थे।  पिछले वर्ष से तुलना (रायपुर जिला) राजधानी रायपुर में इस साल शराब प्रेमियों ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 

2026 की बिक्री: होली के आसपास के 4 दिनों में कुल ₹58.10 करोड़ की शराब बिकी। पिछले साल (2025) से तुलना: यह पिछले वर्ष के आंकड़ों से लगभग ₹91 लाख अधिक है।

दैनिक औसत: सामान्य दिनों में छत्तीसगढ़ में औसत दैनिक बिक्री ₹40 करोड़ होती है, जबकि 3 मार्च 2026 को यह ₹128 करोड़ तक पहुँच गई।  क्षेत्रवार बिक्री (अनुमानित आंकड़े) यद्यपि पूरे प्रदेश का आधिकारिक जिलावार डेटा अभी संकलित हो रहा है, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रमुख शहरों का हाल इस प्रकार है: 

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक बिक्री रायपुर जिले में दर्ज की गई, जहाँ 4 दिनों में ₹58.10 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें से ₹17 करोड़ की केवल देसी शराब बिकी।

बिलासपुर और दुर्ग: रायपुर के बाद बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे बड़े शहरों में भी बिक्री का भारी उछाल देखा गया है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, प्रदेश के 33 जिलों को मिलाकर कुल बिक्री ₹300 करोड़ के पार जाने की संभावना जताई गई है।

नया रिकॉर्ड: इस साल 3 मार्च की एकदिवसीय बिक्री (₹128 करोड़) ने 31 दिसंबर 2025 के पिछले रिकॉर्ड (₹124 करोड़) को भी पीछे छोड़ दिया है。 

नई आबकारी नीति का प्रभाव

इस रिकॉर्ड बिक्री का एक बड़ा कारण सरकार द्वारा होली के दिन 'ड्राय डे' (Dry Day) को समाप्त करना रहा। नई नीति 2026-27 के तहत अब साल में केवल 4 दिन (15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्टूबर और 18 दिसंबर) ही दुकानें बंद रहेंगी, जिससे अवैध बिक्री पर रोक लगी और वैध राजस्व में भारी वृद्धि हुई।       

देशी शराब की मांग घटी, विदेशी शराब की बढ़ी

  आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब लोगों की पसंद में बदलाव देखने को मिल रहा है। देशी शराब की तुलना में विदेशी शराब की मांग तेजी से बढ़ रही है। चार दिनों के आंकड़ों में 1 मार्च को छोड़कर बाकी तीन दिनों में पिछले साल की तुलना में देशी शराब की बिक्री कम रही। जिस दिन बिक्री बढ़ी भी, वह सिर्फ 7.7 प्रतिशत ही रही। वहीं विदेशी स्प्रिट की बिक्री में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली, जो लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई। बिक्री के आंकड़ों के अनुसार विदेशी स्प्रिट ने देशी और विदेशी माल्ट दोनों की तुलना में अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज की है। वहीं विदेशी स्प्रिट की बिक्री में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली, जो लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई। बिक्री के आंकड़ों के अनुसार विदेशी स्प्रिट ने देशी और विदेशी माल्ट दोनों की तुलना में अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज की है।

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