छत्तीसगढ़ में पयर्टन को बढ़ावा देने ‘चेन्दरू’ पुरस्कार की घोषणा, चयनित विजेता को साय सरकार देगी 1 लाख रुपए

'Chendru' Award announced to boost tourism in Chhattisgarh; Sai government to award ₹1 lakh to the selected winner. Latest news hindi news khabargali

रायपुर (खबरगली) राज्य सरकार ने प्रदेश के मोगली (टाइगर ब्वाॅय/चेन्दरू) के नाम पर राज्योत्सव में 1 लाख का पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपए की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। 

पुरस्कार का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय रोजगार, आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास का प्रभावी माध्यम बनाना भी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव हमारी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति की जीवंत विरासत हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन का लाभ केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे।

इन कामों के लिए मिलेगा पुरस्कार

मंत्री अग्रवाल ने कहा यह गांवों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जमीनी नायकों और संस्थाओं को सम्मान और पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़ देश में ग्रामीण पर्यटन का एक विशिष्ट मॉडल बन सकता है।

प्रमाण के साथ बतानी होगी उपलिब्ध

इस पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदकों को अपनी प्रोफाइल, फोटोग्राफ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों और उपलब्धियों से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन के लिए छह सदस्यीय निर्णायक मंडल का प्रावधान किया गया है। जूरी की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे।

यह होगा फायदा

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों का विकेंद्रीकरण होगा और इसका आर्थिक लाभ गांवों तक पहुंचेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कला, शिल्प, खान-पान, लोकसंस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

यह है छत्तीसगढ़ का मोगली

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर के गढ़बेंगाल गांव के रहने वाले चेन्दरू मंडावी को मोगली या टाइगर ब्वाॅय कहा जाता है। बचपन में लगभग 10 वर्ष की आयु में चेन्दरू जंगल में एक घायल बाघ के शावक को उठाकर अपने घर ले आए थे। उन्होंने उसका नाम टेम्बू रखा और उसका पालन-पोषण किया। चेन्दरू और टेम्बू की इस अनोखी दोस्ती के चर्चे जब विदेशों तक पहुंची, तब स्वीडन के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक आर्ने सुकस्डॉर्फ ने बस्तर आकर उनके जीवन पर आधारित फिल्म द जंगल सागा बनाई। यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद सफल रही और चेन्दरू को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।

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