आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश, मुख्यमंत्री साय बोले- जनकल्याणकारी नीतियों से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था
रायपुर (खबरगली )छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूती के साथ आगे बढ़ने की संभावना दिखा रही है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) चालू कीमतों पर 2024-25 के 5.65 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसी के साथ, राज्य की विकास दर 11.57 प्रतिशत आंकी गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है। स्थिर कीमतों (आधार वर्ष 2011-12) पर भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। 2024-25 में 3.31 लाख करोड़ रुपये रहे GSDP के स्थिर मूल्य में 2025-26 में बढ़कर 3.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है। इसके आधार पर वास्तविक विकास दर 8.11 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो उत्पादन और आर्थिक क्षमता में निरंतर वृद्धि का संकेत देती है।
सेक्टरवार अध्ययन से क्या सामने आया
सेक्टरवार अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ में विकास सभी प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित रूप से हो रहा है। चालू कीमतों के आधार पर कृषि और संबद्ध गतिविधियों में 12.53 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। इससे यह पता चलता है कि राज्य की आर्थिक प्रगति में तीनों क्षेत्रों का सक्रिय योगदान मौजूद है। स्थिर कीमतों (आधार वर्ष 2011-12) पर भी वृद्धि का रुझान सकारात्मक है। वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि क्षेत्र में 7.49 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 7.21 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 9.11 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। यह संकेत करता है कि राज्य में वास्तविक आर्थिक गतिविधियां संरचनात्मक मजबूती के साथ लगातार बढ़ रही हैं।
कृषि क्षेत्र में मजबूत वृद्धि: किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम
GSDP की संरचना पर दृष्टि डालें तो चालू कीमतों के आधार पर कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 20.64 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र का 46.59 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र का 32.77 प्रतिशत अनुमानित है। उद्योग क्षेत्र की मजबूत हिस्सेदारी राज्य की मैन्युफैक्चरिंग और खनन आधारित अर्थव्यवस्था को उजागर करती है, जबकि सेवा क्षेत्र में भी लगातार विकास देखा जा रहा है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी सकारात्मक प्रवृत्ति नजर आ रही है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, चालू कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय 1,62,848 रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 1,79,244 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो 10.07 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि घरेलू मांग, उपभोग और समग्र आर्थिक गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत देती है।
हर परिवार की समृद्धि हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बने। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आर्थिक सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियां “समावेशी और संतुलित विकास” को प्राथमिकता देती हैं। उन्होंने बताया कि कृषि को मजबूत करने, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और सेवा क्षेत्र के विस्तार पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश के अनुकूल माहौल और मानव संसाधन के संवर्धन पर निरंतर ध्यान देने से राज्य की विकास दर आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूती हासिल करेगी।
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