राशन घोटाले में एफ आई आर नहीं कराया हाईकोर्ट ने कलेक्टर व फूड कंट्रोलर को अवमानना का नोटिस भेजा

FIR not lodged in ration scam, High Court sends contempt notice to Collector and Food Controller, Raipur, Chhattisgarh, Khabargali

रायपुर (khabargali) जय अम्बे प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार के बड़े पैमाने पर किए गए राशन सामग्री के घोटाले को दबाने के लिए पूर्व प्रभारी फूड कंट्रोलर कैलाश थारवानी, खाद्य संचालनालय नया रायपुर के अपर संचालक राजीव कुमार जायसवाल सहित रायपुर से हटाए गए अपर कलेक्टर पंच भाई की लीपापोती की कार्यवाही का परिणाम ये हुआ है कि उच्च न्यायालय बिलासपुर ने मधुसूदन मिश्रा की याचिका क्रमांक434 /2024 में उच्च न्यायलय के आदेश का चार सप्ताह में पालन नही किए जाने को लेकर कलेक्टर रायपुर और अरविंद दुबे फूड कंट्रोलर के खिलाफ न्यायिक अवमानना की नोटिस जारी करने का आदेश दे दिया है। इन दोनो अधिकारियो से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्यवाही के आदेश 12अप्रैल को हुए है।

रायपुर शहर की जय अम्बे प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार के खिलाफ कलेक्टर रायपुर को दस्तावेजी प्रमाण के साथ राशन घोटाले की शिकायत नरेश बाफना, उनकी पत्नी और पुत्र के द्वारा फर्जी तरीके से राशन दुकान की सामग्री का घोटाला और दूसरी समिति के अकाउंट से पैसे से नान में राशि जमा करने का आरोप लगाया था। राशन घोटाले में एफ आई आर नहीं कराया हाईकोर्ट ने कलेक्टर व फूड कंट्रोलर को अवमानना का नोटिस भेजा कलेक्टर रायपुर ने जांच दल बना कर जय अम्बे प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार की जांच कराया और जांच प्रतिवेदन दिनांक 31.अगस्त.2021 में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर दिनांक 15 फरवरी 2022 को एफ आई आर के आदेश दिए थे।

एक जांच पूरी हो जाने पर एफ आई आर की कार्यवाही होती ।खाद्य संचालनालय के अपर कलेक्टर राजीव कुमार जायसवाल ने पुनः संचालनालय स्तर से टीम बना कर जांच करवाने का आदेश संचालनालय से जारी करवा दिया। खाद्य संचालनालय द्वारा जांच कराए जाने के बाद फाइल को दबा दिया गया था। इस कारण उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका क्रमांक 903/2022लगाई गई जिसमे चार सप्ताह के भीतर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया गया था इस आदेश की धज्जी उड़ाते हुए तत्कालीन खाद्य मंत्री के निर्देश पर खाद्य संचालनालय के द्वारा पुनः जांच के लिए संयुक्त संचालक दयामणि मिंज के नेतृत्व में टीम बना कर जांच करवाई गई। जिसमे फर्जी बैंक खाते से पैसे निकाल कर नान में राशि जमा करने का भी फर्जीवाड़ा सामने आया। इस जांच को एफ आई आर के लिए कलेक्टर रायपुर को भेजा गया था लेकिन तत्कालीन प्रभारी फूड कंट्रोलर कैलाश थारवानी द्वारा राशन दुकानदार के पक्ष में कार्यवाही करने के लिए तत्कालीन अपर कलेक्टर पंचभाई से एक जांच दल बनवा कर उच्च न्यायालय बिलासपुर के याचिका क्रमांक 903/2022में किए गए एफ आइआर के आदेश के संबंध में अभिमत मांगने का आदेश जारी कर दिया। इससे क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता मधुसूदन मिश्रा ने न्यायिक अवमानना की याचिका क्रमांक 434/2024 उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर कर दिया।

विद्वान न्यायधीश अरविंद कुमार वर्मा ने 12अप्रैल 2024के फैसले में गौरव सिंह कलेक्टर रायपुर और वर्तमान प्रभारी फूड कंट्रोलर अरविंद दुबे के विरुद्ध न्यायिक अवमानना की नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। नोटिस का जवाब दोनो अधिकारियो के द्वारा दिए जाने के बाद कार्यवाही के निर्देश आदेश में है। न्यायिक आवमानना प्रमाणित पाए जाने पर अवमानना अधिनियम1971की धारा 10के तहत 6महीने की साधारण सजा या 2000रूपये जुर्माना, अथवा दोनो का प्रावधान है।

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