रायपुर सराफा एसोसिएशन ने सोने पर आयात शुल्क वृद्धि का किया स्वागत; गोल्ड रीसाइक्लिंग और घरेलू बाजार में मजबूती की उम्मीद

Raipur Sarafa Association welcomes increase in import duty on gold; hopes for gold recycling and strengthening of domestic market. Sarafa Association President Dharam Bhansali and Secretary Jitendra Golcha, Chhattisgarh, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) केंद्र सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के फैसले का रायपुर सराफा एसोसिएशन ने पुरजोर स्वागत किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का मानना है कि सरकार के इस कदम से देश में सोने की अनावश्यक और अंधाधुंध खरीद पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे सीधे तौर पर घरेलू बाजार को मजबूती मिलेगी।

आयात घटेगा, बाजार में बनेगा संतुलन

रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष धरम भंसाली और सचिव जितेन्द्र गोलछा ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आम जनता से सात प्रमुख बिंदुओं पर अपील की थी। इसमें जरूरत के मुताबिक ही सोने की खरीदारी करने पर विशेष जोर दिया गया था। पदाधिकारियों ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी में इस भारी बढ़ोतरी के बाद विदेशों से आयात होने वाले सोने की मात्रा में बड़ी कमी आएगी।

रीसाइक्लिंग और एक्सचेंज को मिलेगा बढ़ावा

एसोसिएशन के विश्लेषण के अनुसार, बीते दो वर्षों में आम लोगों और निवेशकों का रुझान सोना-चांदी को केवल निवेश के विकल्प के रूप में खरीदने की तरफ तेजी से बढ़ा था। नई ड्यूटी व्यवस्था लागू होने के बाद इस ट्रेंड में कुछ कमी आने की उम्मीद है, जिससे बाजार में एक स्वस्थ संतुलन स्थापित होगा। इसके साथ ही, अब ग्राहक पुराने आभूषणों को बदलकर नए गहने बनवाने की ओर आकर्षित होंगे, जिससे देश में 'गोल्ड रीसाइक्लिंग' को भारी बढ़ावा मिलेगा।

सर्राफा कारोबारियों और उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक लाभ

रायपुर सराफा एसोसिएशन का कहना है कि यदि यह नई कर व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावी रहती है, तो स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के व्यापार में सुधार होगा। साथ ही, घरेलू बाजार सुदृढ़ होने से आम उपभोक्ताओं के लिए भी खरीदारी करना अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी हो सकेगा। एसोसिएशन ने पूरी उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार का यह निर्णय आने वाले समय में भारतीय सराफा उद्योग के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर और सकारात्मक कदम साबित होगा।