रायपुर (खबरगली) छत्तीसगढ़ में फार्मेसी शिक्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। कभी युवाओं के बीच रोजगारपरक और बेहतर करियर विकल्प के रूप में देखे जाने वाले बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्म) और डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी.फार्म) जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों का रुझान कम होता नजर आ रहा है। प्रदेश में इन दोनों पाठ्यक्रमों की करीब 6000 सीटें खाली रह जाने से फार्मेसी शिक्षा और इससे जुड़े रोजगार के अवसरों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पढ़ाई पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी बेहतर नौकरी और सम्मानजनक वेतन की अनिश्चितता विद्
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