लाल बहादुर शास्त्री जयंती: शास्त्री चौक में कायस्थ समाज ने अर्पित की श्रद्धांजलि, संजय श्रीवास्तव ने गिनाए आदर्श

Lal Bahadur Shastri, Shastri Jayanti, Shastri Chowk, Raipur, Sanjay Srivastava, Kayastha community, Chhattisgarh news, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर रायपुर के शास्त्री चौक में कायस्थ समाज द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन को किया याद

कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन देश के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों ने अपने विचारों, आदर्शों और कर्मों से देश को नई दिशा देने का कार्य किया।

विचारों और चरित्र से तय होती है महानता

संजय श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन इस बात का उदाहरण है कि किसी व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से छोटे कद के बावजूद शास्त्री जी का व्यक्तित्व विराट था। उनके भीतर देश के प्रति गहरी प्रतिबद्धता, जिम्मेदारी और समर्पण की भावना थी।

1965 के युद्ध में दिखाया दृढ़ नेतृत्व

संजय श्रीवास्तव ने कहा कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में लाल बहादुर शास्त्री ने दृढ़ता और साहस के साथ देश का नेतृत्व किया। उन्होंने देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

रेल मंत्री रहते हुए दिया नैतिकता का उदाहरण

रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की संजय श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री के सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और जवाबदेही के कई उदाहरण मिलते हैं। रेल मंत्री के रूप में रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए उनके द्वारा इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों का उदाहरण माना जाता है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के आदर्श केवल राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सादगी और राष्ट्रसेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि

संजय श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने अपने जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल पेश की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों और प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को शत-शत नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में ये समाजजन रहे उपस्थित

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव और अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

Category