महादेव सट्टा ऐप, सौरभ चंद्राकर के बुर्ज खलीफा का अपार्टमेंट सहित 1700 करोड़ की संपत्तियां अटैच

Assets worth Rs 1,700 crore, including the Mahadev Satta app and Saurabh Chandrakar's Burj Khalifa apartment, have been attached.

रायपुर (खबरगली)  ईडी ने महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ रुपए की 20 संपत्तियों को अटैच किया है। इसमें दुबई की प्राइम लोकेशन पर स्थित बुर्ज खलीफा में अपार्टमेंट, दुबई हिल्स एस्टेट (हिल्स व्यू फेयरवे रेजिडेंसी सिद्रा) में लग्जरी विला एवं अपार्टमेंट, बिजनेस बे और एसएलएस होटल एंड रेसिडेंसेस में हाई-एंड अपार्टमेंट शामिल हैं। वहीं, नई दिल्ली स्थित 2 संपत्तियां सहित कार शामिल हैं। 

उक्त सभी को सौरभ द्वारा महादेव सट्टा से अर्जित मनीलॉन्ड्रिंग से खरीदना बताया है। यह रकम हवाला, क्रिप्टो और लेयरिंग के जरिए विदेश भेजी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि इसके लिए हजारों डमी बैंक अकाउंट खोले गए। आम लोगों के केवाईसी का दुरुपयोग कर देशभर के विभिन्न राज्यों के साथ ही यूएई में महंगी संपत्तियों की खरीदी में निवेश किया गया। 

यह संपत्तियां महादेव सट्टा ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों के नाम पर बताई गई हैं। इसमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन टिबरेवाल और सुरेंद्र बागड़ी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और अन्य अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म से कमाए गए प्रोसीड्स ऑफ क्राइम से खरीदी गई थी। ई़डी द्वारा जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी।

सट्टेबाजी का इंटरनेशनल नेटवर्क

ईडी को जांच के दौरान महादेव ऑनलाइन बुक में एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी के सिंडिकेट के काम करने के इनपुट मिले हैं। यह नेटवर्क कई प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। जिसमें टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर247 शामिल हैं। यह पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलता था। जिसमें पैनल या ब्रांच बनाकर देशभर में नेटवर्क फैलाया गया था। इसे दुबई में बैठकर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल कंट्रोल करते थे।

4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच

महादेव सट्टा में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों में छापेमारी कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। साथ ही रायपुर के विशेष न्यायाधीश की अदालत में 5 अभियोजन पत्र पेश किया जा चुका है। वहीं 4336 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। इस प्रकरण में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, अनिल अग्रवाल और शुभम सोनी को भगोड़ा घोषित करने (भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018) के तहत आवेदन भी लगाया गया है। ईडी का कहना है कि विदेश में बैठे आरोपियों को पकड़ने और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

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