मतदाता सूची से 30% नाम गायब, मतदान केंद्रों से नदारद हैं अभिमत अधिकारी: मृत्युंजय दुबे

30% of names missing from the voter list, polling officers absent from polling stations: Mrityunjay Dubey. Voters are facing problems at the Pandit Sunderlal Sharma School center in Sundar Nagar; a former corporator has filed a complaint with the District Election Officer. Raipur, Khabargali

सुंदर नगर के पंडित सुंदरलाल शर्मा स्कूल केंद्र में मतदाता परेशान, पूर्व पार्षद ने जिला निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत

रायपुर (खबरगली) राजधानी के वार्ड क्रमांक 41, सुंदर नगर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा स्कूल के मतदान केंद्रों में अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कार्यक्रम के तहत 24 दिसंबर 2025 से बीएलओ (BLO) के साथ अभिमत अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बैठना था, लेकिन आज 1 जनवरी 2026 की स्थिति में भी अधिकारी केंद्रों से नदारद हैं।

मतदाता केंद्रों से खाली हाथ लौट रहे लोग

मृत्युंजय दुबे ने बताया कि सुंदरलाल शर्मा स्कूल में कुल 6 मतदान केंद्र हैं। यहाँ नए नाम जुड़वाने (फॉर्म 6), नाम कटवाने या शिफ्टिंग (फॉर्म 7) और त्रुटि सुधार (फॉर्म 8) के लिए मतदाता लगातार चक्कर काट रहे हैं। नियमतः अभिमत अधिकारी को ही फॉर्म बांटने और उन्हें सत्यापित कर आगे बढ़ाना है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण मतदाता बिना काम कराए वापस लौटने को मजबूर हैं।

30% of names missing from the voter list, polling officers absent from polling stations: Mrityunjay Dubey. Voters are facing problems at the Pandit Sunderlal Sharma School center in Sundar Nagar; a former corporator has filed a complaint with the District Election Officer. Raipur, Khabargali

पढ़े-लिखे क्षेत्रों में 30% नाम गायब होना जांच का विषय

पूर्व पार्षद ने जिला निर्वाचन अधिकारी का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि 24 दिसंबर को जारी रोल लिस्ट में कॉलोनी क्षेत्रों के लगभग 30% मतदाताओं के नाम गायब हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पिछले 40 वर्षों से लगातार मतदान करते आ रहे हैं।

मूल निवासियों को किया जा रहा परेशान

दुबे ने आरोप लगाया कि जो लोग 200 साल से छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे हैं, जिनके पास स्वयं का मकान, संपत्ति और सरकारी सेवा का रिकॉर्ड है, उनके नाम सूची से कटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों से भी एस.ए.आर. (SAR) के नाम पर बार-बार दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।

पूर्व पार्षद की प्रमुख मांगें

जिला निर्वाचन अधिकारी तत्काल संज्ञान लें कि सभी केंद्रों पर अभिमत अधिकारी बैठ रहे हैं या नहीं। गायब हुए 30% नामों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। भारत के मूल निवासियों और पुराने मतदाताओं के नाम बिना किसी बाधा के सूची में जोड़े जाएं। मृत्युंजय दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधारी गई और पात्र मतदाताओं के नाम नहीं जोड़े गए, तो मतदाताओं के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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