इस्लामाबाद (खबरगली ) पड़ोसी देश पाकिस्तान की जनता पर महंगाई का 'एटम बम' फूटा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई आग का असर अब पाकिस्तान के पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है। शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐसी भारी बढ़ोतरी की है, जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
एक झटके में 184 रुपये की बढ़ोतरी
पाकिस्तान सरकार की ताजा घोषणा के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत में 43 प्रतिशत और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 55 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। पेट्रोल: 321.17 पाकिस्तानी रुपये से सीधे 137.23 रुपये महंगा होकर अब 458.41 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। डीजल: 335.86 पाकिस्तानी रुपये से 184.49 रुपये की भारी बढ़त के साथ अब 520.35 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। केरोसिन: मिट्टी का तेल भी 34.08 पाकिस्तानी रुपये महंगा होकर 457.80 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
सरकार की दलील: 'मजबूरी में लिया फैसला'
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इस कदम को एक 'मुश्किल फैसला' बताया है। उन्होंने कहा कि देश में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और आर्थिक स्थिरता को बचाने के लिए सब्सिडी कम करना जरूरी था।
टैक्स का खेल और सब्सिडी का असहनीय बोझ
सरकार ने डीजल की कीमतों को थोड़ा काबू में रखने के लिए उस पर लगने वाले 55 रुपये के शुल्क को खत्म कर दिया है, लेकिन पेट्रोल पर लगने वाले शुल्क को 105 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खजाने पर 129 अरब रुपये की सब्सिडी का बोझ था, जिसे ढोना अब नामुमकिन हो गया था। बजट घाटे को पाटने के लिए सरकार ने विकास बजट में भी 100 अरब रुपये की कटौती की है। फिलहाल, सरकार का दावा है कि मोटरसाइकिल चालकों, किसानों और मालवाहक वाहनों को कुछ राहत दी जा रही है, लेकिन 520 रुपये के डीजल ने पाकिस्तान में ट्रांसपोर्टेशन और खेती की लागत को आसमान पर पहुंचा दिया है।
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