युवाओं का ‘व्यंग्यात्मक’ राजनीतिक मंच बना चर्चा का विषय
नई दिल्ली (खबरगली ) सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। खुद को युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए और युवाओं का राजनीतिक मंच बताने वाली इस संस्था ने एक अनोखा ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू किया है। पार्टी का दावा है कि लॉन्च के महज दो दिनों के भीतर ही इससे 40 हजार से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं, जबकि हजारों लोग इसे सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे हैं।
‘लेजी’ होने का अनोखा नारा
CJP ने सोशल मीडिया पर अपना एक बेहद अनूठा नारा पेश किया है—“सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी”। यह नारा इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे पूरी तरह से एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक प्रयोग मान रहे हैं, तो कुछ इसे नई तरह की जन-आवाज़ के रूप में देख रहे हैं।
नेताओं ने भी ली चुटकी
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस पार्टी की पोस्ट साझा करते हुए मजाकिया अंदाज में इसमें शामिल होने की इच्छा जताई। वहीं पूर्व क्रिकेटर और सांसद कीर्ति आजाद ने भी सदस्यता की योग्यता पूछी। इस पर CJP की ओर से हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया गया, जिससे यह चर्चा और बढ़ गई।
आम आदमी पार्टी के पूर्व कैंपेनर हैं संस्थापक
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके हैं, जो पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया कैंपेन से जुड़े रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान डिजिटल प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
नाम के पीछे की दिलचस्प वजह
पार्टी के नाम को लेकर भी इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। माना जा रहा है कि ‘कॉकरोच’ शब्द हाल ही में आई एक कथित टिप्पणी से जुड़ी व्याख्याओं के कारण चर्चा में आया, जिसमें युवाओं की तुलना प्रतीकात्मक रूप से की गई थी। हालांकि बाद में उस बयान पर सफाई भी दी गई थी, लेकिन CJP ने इसे व्यंग्यात्मक रूप में अपनाते हुए अपने नाम को और चर्चित बना दिया।
AI एंथम और वर्चुअल कन्वेंशन की तैयारी
पार्टी ने तकनीकी रूप से खुद को अपडेट रखते हुए एक AI-जनरेटेड एंथम (गीत) भी जारी किया है। इस गीत में खुद को “We are children of a burning city” जैसे वाक्यों से जोड़कर पेश किया गया है। इसके अलावा CJP ने जल्द ही अपना पहला वर्चुअल ‘Gen-Z Convention’ आयोजित करने की भी घोषणा की है।
सदस्यता की शर्तें और गंभीर मुद्दे
CJP ने सदस्यता के लिए कुछ मजेदार और व्यंग्यात्मक शर्तें भी रखी हैं—जैसे आवेदक का बेरोजगार होना, ऑनलाइन सक्रिय रहना, ‘लेजी’ (आलसी) होना और शिकायत करने में माहिर होना। हालांकि, इन मजाकिया शर्तों के बावजूद यह मंच NEET और CBSE परीक्षाओं में गड़बड़ियों जैसे युवाओं से जुड़े बेहद गंभीर मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाता नजर आ रहा है।
CJP का 5-सूत्रीय एजेंडा
पार्टी ने देश की व्यवस्था को सुधारने के लिए पांच मुख्य सुझाव शामिल किए हैं: न्यायिक नियुक्तियों में पूरी पारदर्शिता लाना। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना। महिलाओं को शासन और नीति-निर्माण में 50% प्रतिनिधित्व देना। मीडिया की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना। नेताओं के दल-बदल पर सख्त प्रतिबंध लगाना।
भविष्य की राह: फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग में एक आधिकारिक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराएगी या यह केवल एक सोशल मीडिया आधारित व्यंग्यात्मक आंदोलन बनी रहेगी। लेकिन इतना तय है कि इसने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक विमर्श को एक नया और दिलचस्प रंग दे दिया है।
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