रायपुर (खबरगली ) स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ की जेलों में सजा काट रहे ऐसे बंदियों को नई जिंदगी शुरू करने का मौका दिया जा रहा है, जिन्होंने जेल में रहते हुए अच्छे आचरण, अनुशासन और बेहतर व्यवहार का प्रदर्शन किया है। प्रदेश की पांच केंद्रीय जेलों से कुल 100 सजायाफ्ता बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसी क्रम में रायपुर सेंट्रल जेल से गुरुवार को 9 कैदियों को रिहा किया गया। जेल से बाहर निकलते समय इन कैदियों के हाथों में श्रीमद्भगवद्गीता की किताब नजर आई। रिहाई के बाद उनके चेहरों पर नई जिंदगी की उम्मीद दिखाई दी। जेल से बाहर आए बंदियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटकर बेहतर जीवन शुरू करने की इच्छा जताई।
स्वतंत्रता दिवस से पहले 100 कैदियों की रिहाई
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की पांच केंद्रीय जेलों से कुल 100 सजायाफ्ता कैदियों को रिहा किया जाना है। अलग-अलग जेलों में बंद ऐसे कैदियों को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिन्होंने जेल में अपने व्यवहार और आचरण के जरिए सुधार की मिसाल पेश की है।
हाथ में गीता मन में नई जिंदगी की उम्मीद
रायपुर सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद बाहर निकले बंदियों के हाथों में श्रीमद्भगवद्गीता की किताब दिखाई दी। जेल से बाहर निकलते समय उनके लिए यह पल भावुक करने वाला रहा। जेल की चारदीवारी से निकलकर खुले आसमान के नीचे पहुंचे इन बंदियों के लिए यह सिर्फ जेल से बाहर आने का अवसर नहीं, बल्कि जिंदगी को नए सिरे से शुरू करने का मौका भी है। रिहाई के बाद उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटकर बेहतर जीवन जीने की उम्मीद जताई। गीता की पुस्तक के साथ जेल से बाहर निकलने का दृश्य भी इस पहल के सुधार, आत्मचिंतन और पुनर्वास के संदेश को सामने लाता है।
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