छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की त्वरित पहल से स्वरोजगार की ओर बढ़ा एक और कदम
कोंडागांव (खबरगली ) छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम ने दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए कोंडागांव निवासी दृष्टिबाधित हितग्राही श्री गणेशमल पारख को किराना दुकान संचालन के लिए 2.50 लाख रुपये के ऋण का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। यह स्वीकृति पत्र निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया द्वारा प्रदान किया गया।
प्रस्ताव मिलते ही 2 घंटे में स्वीकृत हुआ ऋण
इस पूरे प्रकरण की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि हितग्राही का प्रस्ताव प्राप्त होने के तुरंत बाद निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 2 घंटे के भीतर रायपुर में ऋण स्वीकृत कर दिया। इसके बाद कोंडागांव में हितग्राही को औपचारिक रूप से स्वीकृति पत्र सौंपा गया। इतनी कम अवधि में ऋण स्वीकृत होने को दिव्यांगजनों के लिए समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। निगम का कहना है कि पात्र दिव्यांगजनों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे रोजगार के अवसर प्राप्त कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
किराना दुकान से मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
दृष्टिबाधित हितग्राही श्री गणेशमल पारख अब इस ऋण राशि से किराना दुकान का संचालन करेंगे। इससे उन्हें नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे। स्वरोजगार आधारित योजनाएं दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करती हैं। निगम का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है, ताकि वे दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सकें।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
ऋण स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मनोज जैन, श्री मांगीलाल संचेती, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पंकज वर्मा तथा समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सुश्री ललिता लकड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
समयबद्ध सहायता पर विशेष जोर
निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया ने कहा कि दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक विलंब के उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन यदि स्वरोजगार अपनाते हैं तो वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनते हैं, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ती है। निगम भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रखेगा ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन सकें।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की यह पहल दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त करे और सम्मानजनक, आत्मनिर्भर तथा स्वावलंबी जीवन की ओर आगे बढ़े।
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