रायपुर (खबरगली) शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण आने वाला है। प्रदेश के दो शिक्षकों को इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया है। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजीव चौधरी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र की प्राथमिक शिक्षिका सुनीता यादव को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, शोध, सामाजिक सरोकार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
दोनों शिक्षकों ने अलग-अलग परिस्थितियों में शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया है। एक ओर जहां प्रो. राजीव चौधरी ने उच्च शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में व्यापक काम किया, वहीं सुनीता यादव ने ग्रामीण और प्राथमिक शिक्षा में तकनीक व रचनात्मक तरीकों का इस्तेमाल कर बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को आसान और रोचक बनाया।
समग्र विकास को शिक्षा का आधार बनाया
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजीव चौधरी को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान उनके किसी एक प्रोजेक्ट या उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे समय से जारी बहुआयामी योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है।
प्रो. चौधरी ने विद्यार्थियों के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना। उनके प्रयासों में अकादमिक शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया। महिला सशक्तीकरण और आत्मरक्षा को लेकर भी उन्होंने कई कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना
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