रायपुर JDA की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन, Stipend बढ़ाने की मांग; 15 दिन का अल्टीमेटम

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रायपुर (खबरगली ) जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर ने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (Pt. J.N.M. Medical College), रायपुर के डीन को ज्ञापन सौंपा। JDA ने प्रमुख रूप से इंटर्न , पीजी रेसिडेंट्स , बांडेड मेडिकल ऑफिसर्स (MO) और सीनियर रेसिडेंट्स (SR) के स्टाइफण्ड में उचित एवं सम्मानजनक वृद्धि की मांग उठाई है। JDA रायपुर का कहना है कि इन वर्गों के स्टाइफण्ड में आवश्यक वृद्धि लंबे समय से लंबित है। संगठन ने शासन और प्रशासन से इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

JDA रायपुर की 17 सूत्रीय मांगें क्या हैं?

JDA द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मेडिकल कॉलेज से जुड़े जूनियर डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों से संबंधित विभिन्न मांगों को शामिल किया गया है। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा Stipend में वृद्धि का है। JDA ने Interns, PG Residents, Bonded MOs और Senior Residents के लिए वर्तमान Stipend में आवश्यक वृद्धि की मांग की है।

संगठन का कहना है कि चिकित्सकों की जिम्मेदारियों और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक Stipend मिलना जरूरी है।

JDA ने शासन को दिया 15 दिन का समय

JDA Raipur ने अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए शासन और प्रशासन को 15 दिनों का समय दिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में Stipend वृद्धि समेत 17 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय की अपेक्षा है।

मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

JDA ने कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता है तो संगठन छत्तीसगढ़ स्तर पर राज्यव्यापी आंदोलन और Strike करने के लिए बाध्य होगा। इस प्रस्तावित आंदोलन में Interns, PG Residents, Bonded Medical Officers और Senior Residents की व्यापक भागीदारी की बात कही गई है। 

JDA ने कहा - आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं Junior Doctors Association ने स्पष्ट किया है कि उसका प्रस्तावित आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाने के लिए नहीं है। संगठन के मुताबिक, यह पहल चिकित्सकों के सम्मान, अधिकार और बेहतर कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों को लेकर है।

बातचीत से समाधान के पक्ष में

JDA JDA Raipur ने कहा कि संगठन बातचीत और लोकतांत्रिक माध्यम से समस्याओं के समाधान का पक्षधर है। हालांकि, मांगों की लगातार अनदेखी होने की स्थिति में संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए तैयार है।

‘सम्मानजनक Stipend चिकित्सकों का जायज हक’

JDA Raipur के अध्यक्ष डॉ. पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि सम्मानजनक Stipend और चिकित्सकों के अधिकार कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि उनका जायज हक है। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि शासन और प्रशासन मांगों पर गंभीरता से विचार करे और निर्धारित समयावधि के भीतर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

15 दिन बाद क्या होगा?

अब सभी की नजर शासन और प्रशासन की ओर से मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेगी। यदि 15 दिनों के भीतर Stipend वृद्धि समेत 17 सूत्रीय मांगों पर निर्णय नहीं होता है, तो JDA Raipur के राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा करने की संभावना है। फिलहाल JDA ने बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता खुला रखा है, लेकिन संगठन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।

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