रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित आंजनेय विश्वविद्यालय (नरदहा) में भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) विषय पर एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में शिक्षा, संगठन और तकनीक के समन्वय पर गहन मंथन हुआ, जिसने युवाओं और उपस्थित अतिथियों का ध्यान बुरी तरह आकर्षित किया।
छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया ने शिरकत की। कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री कावड़िया ने कहा: "आज का युग तकनीक का युग है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि आने वाले समय में हर क्षेत्र को बदलने का एक सशक्त जरिया है। यदि हम शिक्षा और संगठनात्मक कार्यों में AI का सही और प्रभावी उपयोग करें, तो हम न सिर्फ कार्यकुशलता बढ़ा सकते हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक तकनीक का लाभ पहुँचा सकते हैं।"
शिक्षा और संगठन में AI के प्रभावी उपयोग पर मंथन
इस एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षा जगत और संगठनात्मक ढाँचे में AI तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
शिक्षा क्षेत्र में क्रांति: AI आधारित लर्निंग टूल्स के माध्यम से छात्रों के सीखने की क्षमता को कैसे आसान और रोचक बनाया जाए।
संगठनात्मक कार्यों में आसानी: डेटा विश्लेषण, रणनीतिक योजना और संचार प्रणाली में AI का स्मार्ट प्रयोग।
भविष्य की संभावनाएँ: युवाओं को AI क्षेत्र में मिलने वाले रोजगार और इनोवेशन के नए अवसरों के प्रति जागरूक करना।
भाजपा संगठन और बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
आंजनेय विश्वविद्यालय, नरदहा में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी एवं विभिन्न राज्य मंडलों/बोर्डों के शीर्ष पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री रमेश ठाकुर जिला अध्यक्ष, रायपुर,श्री राजेन्द्र शर्मा जिला संगठन प्रभारी, श्री प्रफुल विश्वकर्मा अध्यक्ष, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड,श्री कांति लाल जैन प्रदेश संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ, श्रीमती हरशीला रूपाली शर्मा सह संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ, श्री अभिषेक अग्रवाल जिला संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ श्री शरद चंद्रा सह संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ
भविष्य की नई राहें खोलेगी यह पहल
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। वक्ताओं का मानना था कि डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में इस तरह की AI कार्यशालाएँ मील का पत्थर साबित होंगी। छात्रों और उपस्थित प्रबुद्धजनों ने भी इस सत्र में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।
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