रायपुर (खबरगली ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस और मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को लेकर छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान अब सियासी बयानबाजी का मुद्दा बन गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टिप्पणी पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने तीखा पलटवार किया है। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि दीप जलाना भारतीय संस्कृति, आस्था और शुभकामनाओं का प्रतीक है। संजय श्रीवास्तव ने आज अपने निवास पर आशीर्वाद का दीप प्रज्ज्वलित किया। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा की कामना को लेकर लोगों ने आशीर्वाद के दीप जलाए हैं। प्रदेश में इस अभियान के तहत बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
भूपेश बघेल ने उठाया था यह सवाल
भूपेश बघेल ने इस बड़े आयोजन पर सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए पैसा कहाँ से आया और इस पर कुल कितना खर्च आया?कांग्रेस नेताओं और भूपेश बघेल का आरोप है कि इस कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर सरकारी मशीनरी और जनता के पैसे (शासकीय धन) का दुरुपयोग किया गया है, जबकि भाजपा इसे जनता की स्वस्फूर्त भागीदारी बता रही है।
भूपेश बघेल के बयान पर संजय श्रीवास्तव का पलटवार
संजय श्रीवास्तव ने भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दीप केवल मिट्टी और तेल से बना एक साधन नहीं है, बल्कि भारतीय परंपरा में यह शुभकामना, श्रद्धा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर दीप जलाने का उद्देश्य उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करना है। श्रीवास्तव ने इसी संदर्भ में कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें दीप के पीछे छिपी भावना समझनी चाहिए। उनका सबसे तीखा बयान रहा—“कांग्रेस नेताओं के दिमाग में यह दीप नहीं जलता।”
25 साल की जनसेवा को बताया दीप अभियान का आधार
नान अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। इस दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाने का दावा भाजपा की ओर से किया जाता रहा है। श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल-जल और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने बड़ी संख्या में लोगों को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इसी सेवा और जनकल्याण की भावना के सम्मान में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आशीर्वाद के दीप जलाने का आह्वान किया गया।
“कांग्रेस ने लंबे समय तक शासन किया, तब गरीबों की चिंता क्यों नहीं हुई?”
संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश में शासन किया, लेकिन उस दौरान गरीबों को पक्का मकान, पर्याप्त खाद्यान्न, पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त काम क्यों नहीं हुआ—इसका जवाब कांग्रेस नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग जनता को यह देखना चाहिए कि विभिन्न सरकारों की योजनाओं का वास्तविक लाभ किस वर्ग तक पहुंचा।
डेढ़ करोड़ से अधिक दीप जलने का दावा
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में लोगों ने आशीर्वाद के दीप जलाए। उन्होंने प्रदेश में करीब 1.50 करोड़ से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का दावा किया है। रायपुर में भी 17 सितंबर को बड़े स्तर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक राजधानी में लाखों दीप प्रज्ज्वलित किए गए और महादेव घाट पर सवा लाख दीपों से खारुन नदी का तट रोशन हुआ।
“दीप एक प्रतीक है, राजनीति का विषय नहीं”
श्रीवास्तव ने कहा कि दीप के जरिए लोग अपनी श्रद्धा और शुभकामना व्यक्त करते हैं। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना के लिए दीप प्रज्ज्वलित करना इसी भावना का हिस्सा है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के कार्यक्रमों की तुलना करते हुए कहा कि दोनों दलों के राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण में अंतर दिखाई देता है। हालांकि उनके ये बयान राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आए हैं।
कांग्रेस के सवालों का जवाब तथ्यों से देने का दावा
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा विकास, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों और सरकार की योजनाओं के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी शुभकामनाएं दोहराते हुए कहा कि देश की जनता उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना कर रही है।
फिलहाल ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने छत्तीसगढ़ की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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