नई दिल्ली/रायपुर (खबरगली) छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में राज्य की कई महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई और उन्हें शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया गया।
बैठक की प्रमुख मांगें और प्रस्ताव
रायपुर-बिलासपुर 6-लेन मार्ग
'भारतमाला परियोजना' के तहत रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) तक 6-लेन सड़क के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे दोनों प्रमुख शहरों के बीच सफर और भी सुगम होगा।
बिलासपुर बायपास
बिलासपुर शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एक नए बायपास निर्माण की मांग की गई है।
समृद्धि मार्ग का विस्तार
मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेस-वे को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक विस्तारित करने का महत्वपूर्ण अनुरोध किया गया है।
नेशनल हाईवे का जाल
राज्य में 13 राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के अपग्रेडेशन और 8 नई सड़कों को 'राष्ट्रीय राजमार्ग' घोषित करने का आग्रह किया गया है। इस मुलाकात के दौरान श्री साव ने छत्तीसगढ़ के विकास में इन परियोजनाओं की भूमिका को रेखांकित किया, जिससे आने वाले समय में राज्य के परिवहन और व्यापारिक परिदृश्य में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुलाकात के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को अवगत कराया कि बिलासपुर शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण यातायात का काफी दबाव है, जिससे निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने इसके समाधान के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से शहर के बाहर से होकर उच्च न्यायालय बोदरी से सेंदरी तक करीब 32 किमी लंबा फोरलेन बायपास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। यह बायपास बिलासपुर शहर के प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क को रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही शहर के भीतर यातायात के दबाव को प्रभावी तरीके से कम करते हुए औद्योगिक विकास संचार तंत्र एवं नियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा देगा।
श्री साव ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कोल माइन्स एवं दक्षिणी हिस्से में आयरन माइन्स को देखते हुए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने, कोयला एवं लौह अयस्क के परिवहन, स्टील व सीमेंट उत्पाद को बाहर भेजने तथा प्रदेशवासियों के सुचारू आवागमन के लिए मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग को ग्रीन फील्ड सड़क के रूप में रायपुर तक विस्तारित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि रायपुर-नागपुर-मुंबई एक्सेस कंट्रोल 8-लेन कनेक्टीविटी से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने श्री गडकरी से भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक लगभग 95 किमी 6-लेन मार्ग के निर्माण की मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने श्री गडकरी को बताया कि वर्तमान में रायपुर से बिलासपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा हुआ है, किंतु एक्सेस कंट्रोल नहीं होने के कारण राज्य की तीनों भारतमाला परियोजनाओं के बीच सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। आरंग-दर्री मार्ग के निर्माण से रायपुर से बिलासपुर की दूरी एक घंटे में तय होगी तथा तीनों भारतमाला सड़कों के आपस में जुड़ जाने से सीधा संपर्क होगा, जिससे सभी तरह के परिवहन में समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी।
श्री साव ने केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के 13 खंडों के उन्नयन के लिए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए विद्यमान मार्गों को उन्नत किए जाने पर जोर देते हुए आठ सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी अनुरोध किया।
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