दो राउंड की काउंसिलिंग के बाद एमबीबीएस की 181 और बीडीएस की 250 सीटें खाली, मापअप राउंड के लिए आज आ सकती है मेरिट सूची

After two rounds of counseling 181 MBBS and 250 BDS seats remain vacant; the merit list for the mop-up round may be released today hindi news raipur news khabargali

रायपुर (खबरगली) प्रदेश के मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में दूसरे राउंड की काउंसिलिंग के बाद एमबीबीएस की 181 व बीडीएस की 250 सीटें खाली हैं। इनमें सरकारी की केवल 21 व निजी कॉलेजों की 160 सीटें शामिल हैं। यही नहीं 160 में एनआरआई कोटे की 108 सीटें नहीं भर पाईं हैं। यानी निजी कॉलेजों में सबसे ज्यादा सीटें एनआरआई कोटे की खाली है। मापअप राउंड में सीटें नहीं भरने पर आखिरी यानी स्ट्रे वेकेंसी राउंड में मैनेजमेंट कोटे में कन्वर्ट किया जाएगा। मापअप राउंड के लिए रविवार को मेरिट सूची आ सकती है।

प्रदेश में 16 सितंबर से एमबीबीएस व बीडीएस की क्लास शुरू हो चुकी है। हालांकि अभी एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए चार राउंड में काउंसिलिंग होती है, जिसमें दो पूरी हो चुकी है। अच्छी बात ये है कि एमडी-एमएस की तरह इसमें खाली सीटों को भरने के लिए नीट यूजी का परसेंटाइल नहीं घटाया जाता। बिना परसेंटाइल घटाए पूरी सीटें भर जाती हैं। रायपुर स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 11, दुर्ग में 3, सिम्स में 2, राजनांदगांव, अंबिकापुर, मनेंद्रगढ़, जशपुर व जांजगीर में 1-1 सीट खाली है। 

जबकि प्राइवेट में बालाजी रायपुर में 10, रिम्स में 51, शंकराचार्य भिलाई में 31, रावतपुरा में 29, अभिषेक में 39 व मां पद्मावती में 23 सीटें खाली हैं। इनमें एनआरआई कोटे की सीटें भी शामिल हैं। इस कोटे की अधिकृत फीस डेढ़ करोड़ रुपए है। हालांकि इसमें मोलभाव हो जाता है, जिससे छात्रों को इतनी भारी-भरकम फीस देने की जरूरत नहीं पड़ती।

स्पांसर्ड से नहीं वास्तविक एनआरआई से एडमिशन इसलिए सीटें खाली

प्रदेश में इस बार एनआरआई कोटे से प्रवेश में सख्ती बरती जा रही है। एनएमएसी के आदेश के बाद स्पांसर्ड के बजाय वास्तविक एनआरआई को प्रवेश दिया जा रहा है। इसलिए दो राउंड के बाद भी 108 सीटें नहीं भर पाई हैं। 84 सीटों पर एडमिशन हो गया है। जबकि 6 निजी कॉलेजों में सीटों की कुल संख्या 192 है। सीटें मैनेजमेंट कोटे में कन्वर्ट करने का फायदा दूसरे राज्यों के छात्रों को होगा। दरअसल इस कोटे में दूसरे राज्यों के छात्रों को प्रवेश देने का नियम है। ओपन सीट होने के कारण इस कोटे में दूसरे राज्यों के छात्रों को ही प्रवेश का मौका मिलता है, क्योंकि प्रदेश के छात्र नीट स्कोर में पिछड़ जाते हैं। इसलिए दूसरे राज्यों के छात्रों को मौका मिल जाता है। पहले राउंड में 179 तो दूसरे राउंड में 138 नीट स्कोर वाले छात्रों का प्रवेश हुआ है।

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