महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें. डॉ दिनेश मिश्र

Women should remain aware of their rights.  Dr. Dinesh Mishra, Ophthalmologist and President of the Superstition Eradication Committee, delivering a lecture at the District Women's Awareness Camp, Raipur, Chhattisgarh,Khabargali

जिला महिला जागृति शिविर में व्याख्यान

रायपुर (खबरगली ) प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ एवं अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने जिला स्तरीय महिला जागृति शिविर में कहा महिला जागृति का अर्थ है ,महिलाओं को उनके अधिकारों ,उनकी क्षमताओं और उनके सामाजिक महत्व के बारे में जागरूक करना, जबकि अंधविश्वास महिला जागृति की राह में लिए एक बड़ा बाधक तत्व है.अंधविश्वास के कारण जब कुछ महिलाएं अपने अधिकारों और क्षमताओं को नहीं समझ पाती है तो वे अपने भविष्य को संवारने में न सक्षम होती हैं , और न दूसरों को प्रेरित कर पाती हैं.

धरसीवां विकासखंड ग्राम गोढ़ी मोहदी के शासकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉ दिनेश मिश्र ने कहा बालिका शिक्षा महिलाओं में जागृति का एक महत्वपूर्ण साधन है एक बालिका को शिक्षित करने से न केवल वह बल्कि भविष्य का पूरा एक परिवार शिक्षित होता है साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में पता चलता है अच्छी शिक्षा के साथ ही महिलाओं को परिवार एवं समाज का समर्थन भी आवश्यक है इससे भी वह अपने भावी कदमों को तय करने एवं मंजिल प्राप्त करने के लिए न केवल प्रेरित होती है बल्कि सफल भी होती है. महिलाओं को जागृत करने में स्थानीय महिला समूहों ,संगठनों की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है वह उन्हें राह दिखाने करने तथा उनके उत्साह वर्धन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं शासन के द्वारा संचालित योजना की महिलाओं में जागृति एवं क्षेत्र का प्रचार करने में सहयोग प्रदान कर सकते हैं बल्कि एक महिला के सुशिक्षित , जागरूक होने से समाज में बहुत सारे सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं उनकी स्थिति में सुधार होगा उनके अधिकारों का सम्मान होगा और महिलाओं की भागीदारी समाज की विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ेगी. साथ ही समाज के दृष्टिकोण में भी धीरे-धीरे परिवर्तन आएगा यह एक सतत प्रक्रिया है जिसके लिए शिक्षा सामाजिक समर्थन मिला संगठन मीडिया तथा सरकारी योजनाओं का भी संबल मिलन आवश्यक है.

Women should remain aware of their rights.  Dr. Dinesh Mishra, Ophthalmologist and President of the Superstition Eradication Committee, delivering a lecture at the District Women's Awareness Camp, Raipur, Chhattisgarh,Khabargali

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए समाज में व्याप्त और अंध विश्वास एवं कुरीतियों के बारे में चर्चा करना बहुत महत्वपूर्ण है अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियां महिला जागरण की राहमें एक बड़ा बाधक तत्व है, अंधविश्वास के कारण अनेक महिलाएं अपने अधिकारों एवं क्षमताओं को नहीं समझ पाती हैं जिससे अपना भविष्य बनाने में पीछे रह जाती है.

Women should remain aware of their rights.  Dr. Dinesh Mishra, Ophthalmologist and President of the Superstition Eradication Committee, delivering a lecture at the District Women's Awareness Camp, Raipur, Chhattisgarh,Khabargali

डॉ दिनेश मिश्र ने कहा आज भी कुछ स्थानों में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता है, तो किन्हीं समाजों में महिलाओं को पर्दे में रखा जाता है , दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां आज भी कुछ वर्गों में जारी है जो वर्तमान समय में महिलाओं के लिए घातक है. डॉ दिनेश मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियां और अंधविश्वासों के संबंध में चर्चा करते हुए कहा जादू टोने जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है, यह सिर्फ अंधविश्वास है पर आज भी अनेक महिलाओं को जादू टोना कर बीमार करने के संदेह में, टोनही, डायन कहने, मारने, पीटने, हत्या के मामले आते हैं जो दुखद , शर्मनाक है यह सब बंद होना चाहिए.

Women should remain aware of their rights.  Dr. Dinesh Mishra, Ophthalmologist and President of the Superstition Eradication Committee, delivering a lecture at the District Women's Awareness Camp, Raipur, Chhattisgarh,Khabargali

डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कोई महिला टोनही नहीं होती, किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसकी उचित जांच, उपचार होना चाहिए, झाड़ फूंक, कथित तंत्र मंत्र से कोई ठीक नहीं हो सकता. चमत्कार होने के लालच में कथित तांत्रिकों के जाल , बहकावे में न फंसे. कार्यक्रम में आयुक्त श्री महादेव कावरे,पूर्व आई ए एस श्रीमती इंदिरा मिश्र, महिला बाल विकास विभाग की श्रीमती ए.श्रीवास्तव उपस्थित रहे.