जशपुर (खबरगली) जशपुर जिले के दूरस्थ आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। बगीचा विकासखंड के महनई गांव में समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने और रास्ते में वाहन खराब होने से एक पहाड़ी कोरवा गर्भवती महिला की मौत हो गई। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद शाम 4 बजे एम्बुलेंस के लिए फोन किया गया। सूचना मिलने पर बगीचा से एम्बुलेंस गांव के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में ही वाहन खराब हो गया। इसके चलते एम्बुलेंस को गांव पहुंचने में करीब चार घंटे लग गए। मृतका के रिश्तेदार जीतन राम पहाड़िया ने बताया कि एम्बुलेंस कर्मियों ने रास्ते में वाहन खराब होने के कारण देरी होने की जानकारी दी थी।
स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने का सिर्फ आश्वासन
इस घटना का एक गंभीर पहलू यह भी है कि महनई गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। बगीचा बीएमओ के अनुसार, डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी के कारण केंद्र का संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं का संचालन रायपुर स्थित कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से निजी कंपनी करती है। स्वास्थ्य केंद्र को जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया गया है।
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