साहिबे कमाल गुरू गोबिंद सिंघजी का 353वां प्रकाश पर्व 2 जनवरी को

Sahib Kamal Guru Gobind Singhji

31 से 2 जनवरी तक गुरूद्वारा गुरू गोबिंद नगर, पंडरी में सजेंगे विशेष कीर्तन दीवान

देश-विदेश के प्रख्यात रागी जत्थे करेंगे गुरूवाणी कीर्तन 

रायपुर (khabargali)  समूह साध संगत एवं गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी, गुरूद्वारा गोबिंद नगर श्री गुरू सिंघ सभा, गोबिंद नगर, पंडरी में साहिबे कमाल श्री गुरू गोबिंद सिंघजी का 353वां प्रकाश पर्व 2 जनवरी को श्रद्धा-उत्साह के साथ मनाया जाएगा। प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गोबिंद नगर पंडरी स्थित गुरूद्वारे में 31 दिसम्बर से 2 जनवरी तक सुबह-शाम विशेष कीर्तन दीवान सजाए जाएंगे। जिनमें देश-विदेश के प्रख्यात रागी जत्थे गुरूवाणी कीर्तन कर साध-संगत को निहाल करेंगे। 

अमृतबेले में होगा गुरू ग्रंथ साहिब का प्रकाश

2 जनवरी को गुरू गोबिंद सिंघजी के प्रकाश पर्व पर अमृत बेला में सुबह 4.30 बजे श्री गुरू ग्रंथ साहिबजी का प्रकाश किया जाएगा। इसके बाद सुबह 5 से 6 बजे तक समाप्ति श्री सहिजपाठ साहिब एवं सुबह 6 से 7.30 बजे तक नितनेम किया जाएगा। 

ये रागी जत्थे प्रवाहित करेंगे गुरूवाणी कीर्तन की अमृतधारा

Image removed.

सेवादारी इंदरजीत चावला, कुलविन्दर रखराज, लवली अरोरा व जसपाल सलूजा ने बताया कि 31 दिसम्बर, मंगलवार को प्रथम दिवस शाम 7.30 से 11.45 बजे तक, दूसरे दिन 1 जनवरी, बुधवार को सुबह 8.30 से 11 बजे तक और शाम 7.30 से 11.45 बजे तक तथा तीसरे दिन 2 जनवरी, गुरूवार को प्रातःकाल से लेकर समाप्ति श्री अखंड पाठ साहेब सुबह 9.30 बजे तक, इसके बाद सुबह 10.30 से दोपहर 2 बजे तक और शाम 7.30 से 11.45 बजे तक गुरूवाणी कीर्तन के लिए विशेष दीवान सजाए जाएंगे। जिनमें प्रमुख रूप से भाई रजिंदर सिंघजी-भाई किरनदीप सिंघजी जालंधर वाले, भाई देशदीप सिंघजी आस्ट्र्ेलिया वाले, भाई हरविन्दर सिंघजी हजूरीरागी गुरू गोबिंद नगर रायपुर एवं भाई अमर सिंघजी हेड ग्रंथी गुरू गोबिंद नगर रायपुर गुरूवाणी कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे। 

 29 दिसम्बर को निकाला  विशाल नगर कीर्तन

इस पूरे तीन दिवसीय आयोजन की शुरूआत रविवार, 29 दिसम्बर को विशाल नगर कीर्तन से हुई। आयोजन से सक्रिय रूप से जुडे़ सेवादारी जसपाल सलूजा ने बताया कि यह नगर कीर्तन गुरूनानक नगर गुरूद्वारे से प्रारंभ होकर गोबिंद नगर गुरूद्वारे में पहुंचा। इस बीच प्रकाश पर्व के सभी कार्यक्रमों में चाय-नाश्ते सहित गुरू का लंगर लगातार चलता रहेगा।

Category

Related Articles