डिजिटल लर्निग,इनोवेशन और रोज़गारोन्मुख प्रशिक्षण पर केंद्रित है बजट
भारत के इतिहास में शिक्षा के लिए 1.39 लाख करोड़ का सबसे बड़ा बजट
15 हजार हायर सेकेंडरी स्कूलों एवं 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रियेटर लैब बनेंगे
रायपुर (खबरगली.) केंद्रीय बजट में शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रावधानों को शिक्षाविद संजय जोशी ने 'विकसित भारत' की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया है। उन्होंने बजट की सराहना करते हुए कहा कि 1.39 लाख करोड़ रुपये का यह आवंटन भारत के इतिहास में शिक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जो सीधे तौर पर नॉलेज, कौशल और नवाचार को समर्पित है। संजय जोशी ने बजट की प्रमुख घोषणाओं को भविष्योन्मुखी बताते हुए इनके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला:
इंडस्ट्रियल-यूनिवर्सिटी जुड़ाव
देश के बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के पास 5 यूनिवर्सिटी कॉरिडोर की स्थापना से युवाओं को सीधे कॉर्पोरेट जगत की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। यह कदम रोजगार की दिशा में क्रांतिकारी साबित होगा।
डिजिटल नवाचार
15 हजार हायर सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में 'कंटेंट क्रिएटर लैब' की स्थापना डिजिटल लर्निंग और क्रिएटिव इकोनॉमी में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
संस्थानों का विस्तार
एम्स की तर्ज पर 3 'ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद', नॉर्थ ईस्ट में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन और स्वास्थ्य क्षेत्र में निमहंस (NIMHANS) की स्थापना से शोध और विशेषज्ञता को नई ऊर्जा मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण
प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना कन्या शिक्षा के मार्ग की बाधाओं को दूर करने वाला एक सराहनीय कदम है।
संजय जोशी के अनुसार, डिजिटल लर्निंग, इनोवेशन और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर केंद्रित यह बजट युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का विजन रखता है।
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