सुशासन तिहार शिविर में युवक की अनोखी मांग, युवक ने मांगा महुआ शराब बेचने का लाइसेंस

A unique demand from a youth at the Sushasan Tihar camp, the youth asked for a license to sell Mahua liquor. Hindi news big News khabargali

अंबिकापुर (खबरगली)  सरगुजा जिले के दरिमा गांव में हाल ही में खुली शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान का विरोध अब नए और अनोखे अंदाज में सामने आया है। ग्राम पंचायत दरिमा के एक युवक ने सुशासन तिहार शिविर में पहुंचकर महुआ शराब बेचने का लाइसेंस देने की मांग कर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

ग्रामीण युवक मुनेश्वर सिंह ने शिविर में आवेदन देकर कहा कि जब गांव में अंग्रेजी शराब की सरकारी दुकान खोली जा सकती है, तो स्थानीय लोगों को भी महुआ शराब बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और स्थानीय परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा। मुनेश्वर सिंह ने अपने आवेदन में आदिवासी क्षेत्रों में महुआ शराब बनाने और उपयोग की पारंपरिक व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि यदि सरकार अंग्रेजी शराब की बिक्री को वैध मानती है, तो स्थानीय स्तर पर महुआ शराब बिक्री के लिए भी लाइसेंस जारी किया जाना चाहिए।

पहले से चल रहा है विरोध

दरिमा में अंग्रेजी शराब दुकान खुलने के बाद से ही ग्रामीणों और महिलाओं में नाराजगी देखी जा रही है। कुछ दिनों पहले गांव की महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान को बंद कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के बीचों-बीच शराब दुकान खुलने से युवाओं और विद्यार्थियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है और नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल सकता है।

सुशासन तिहार शिविर में दिया गया यह आवेदन अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे शराब दुकान के विरोध का अनोखा तरीका मान रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीण इसे रोजगार और स्थानीय परंपराओं से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि दरिमा में शराब दुकान को लेकर जारी विवाद और ग्रामीणों की नाराजगी के बीच यह मामला अब नई बहस को जन्म देता नजर आ रहा है।
 

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