अशोका आइकन फेस-1 में कारोबारी के घर रविवार को हुईं घटना
रायपुर (खबरगली )। राजधानी का एक पॉश इलाका, कड़ी सुरक्षा वाली हाई-प्रोफाइल सोसाइटी और घर में महज 12 दिन पहले कदम रखने वाला एक सीधा-साधा रसोइया... लेकिन रविवार की शाम जो हुआ, उसने पुलिस से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए। रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन फेस-1 में एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया है, जो किसी क्राइम-थ्रिलर फिल्म के क्लाइमेक्स से कम नहीं है। जिस रसोइए पर भरोसा कर पूरे घर की चाबियाँ सौंपी गई थीं, वही शख्स करोड़ों की चोरी का मास्टरमाइंड निकला।
सन्नाटे में रचा गया 'मास्टरप्लान': 5 घंटे में घर सफाचट
रविवार, 26 जुलाई की दोपहर लगभग 2:00 बजे कारोबारी पंकज अग्रवाल अपने परिवार के साथ नया रायपुर के लिए निकले थे। घर में अकेला मौजूद था वही रसोइया—महेंद्र कुमार यादव (निवासी: बांका, बिहार)। घर खाली होते ही महेंद्र ने अपनी असली चाल चली। महज 5 घंटे (दोपहर 2 से शाम 7 बजे) के भीतर उसने पेचकस से अलमारियाँ तोड़ीं और पूरे घर से कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गया।
क्या-क्या ले गए शातिर चोर? (70 लाख का कट)
शाम 7 बजे जब परिवार लौटा, तो मुख्य द्वार पर ताला लटका था और अंदर घना अंधेरा था। जब पीछे के दरवाजे से परिवार अंदर दाखिल हुआ, तो बेडरूम का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
चोरी की गई प्रमुख संपत्तियों की लिस्ट
कैश: ₹51,50,000 (इक्यावन लाख पचास हजार रुपये नगद) गोल्ड ज्वेलरी: सोने के कंगन, नेकलेस सेट, झुमके, 5 जोड़ी टॉप्स, ब्रेसलेट और सोने के सिक्के।
सिल्वर व अन्य: 20 चांदी के सिक्के, महत्वपूर्ण पेन ड्राइव्स और ऑफिस के सीक्रेट डॉक्युमेंट्स।
लूट का बैग: शातिर चोरों ने सारा सामान कारोबारी के ही लैपटॉप बैग में भरा और आसानी से निकल गए।
क्राइम सीन इनसाइट: बदमाशों ने चोरी के लिए किसी भारी उपकरण का नहीं, बल्कि घर में मौजूद एक साधारण पेचकस का इस्तेमाल किया और मिनटों में अलमारी के लॉकर ध्वस्त कर दिए।
12 दिन का भरोसा और बिहार कनेक्शन :पुलिस जांच में बड़े खुलासे
पुलिस जांच में सामने आया है कि महेंद्र यादव 14 जुलाई से काम पर लगा था। इससे पहले भी वह 8 दिनों तक यहाँ काम कर चुका था, जिससे उसे परिवार के हर सदस्य की टाइमिंग, अलमारी के ठिकाने और कीमती सामान की पूरी जानकारी थी।
पंडरी थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम का एक्शन
CCTV खंगाले जा रहे हैं: कॉलोनी के एग्जिट गेट और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की मूवमेंट ट्रैक की जा रही है।
बिहार पुलिस से संपर्क: आरोपी का लोकेशन ट्रैक करने के लिए उसके गृह जिले बांका (बिहार) की पुलिस से तालमेल बैठाया गया है।
गैंग का अंदेशा: पुलिस का मानना है कि महेंद्र अकेला नहीं था, बाहर उसके साथी बैकअप में मौजूद थे जो माल समेटते ही फरार हो गए।
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