रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू एवं सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े 36 प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा। इनमें 26 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जबकि 7 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर यह चौथी सुनवाई और रायपुर जिले में तीसरी जनसुनवाई थी।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सुनवाई में लिए गए अहम निर्णय
1.36 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए।
2.26 प्रकरणों की सुनवाई की गई।
3. 7 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।
4. एक मामले में पति को प्रतिमाह 1,500 रुपये भरण-पोषण देने की समझाइश दी गई।
5. पति-पत्नी को आपसी शर्तों के साथ साथ रहने के लिए तैयार किया गया।
6. ठगी के मामले में 20 दिन के भीतर रकम लौटाने के निर्देश दिए गए।
7.धमकी और शोषण के मामलों में न्यायालय एवं पुलिस कार्रवाई की सलाह दी गई।
पति को प्रतिमाह 1,500 रुपये भरण-पोषण देने की समझाइश
संतान नहीं होने पर मारपीट और गाली-गलौच का आरोप
सुनवाई के दौरान एक आवेदिका ने शिकायत की कि विवाह के बाद संतान नहीं होने के कारण उसका पति उसके साथ मारपीट और गाली-गलौच करता है। आवेदिका ने बताया कि न्यायालय द्वारा पति को प्रतिमाह 1,500 रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद उसे कोई राशि नहीं दी जा रही है। आयोग ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुना और अनावेदक को नियमित रूप से आवेदिका को भरण-पोषण राशि देने की समझाइश दी। समझाइश के बाद प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया गया।
बच्ची को गोद देने के बाद वापस लेने की मांग
सभी पक्षों की मौजूदगी में होगी अगली सुनवाई एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण पर बच्ची से मिलने नहीं देने और बच्ची को वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान आवेदिका ने बताया कि उसने अपनी दो वर्षीय बच्ची को अनावेदक पक्ष को गोद दिया था, लेकिन अब वह अपनी बेटी को वापस लेना चाहती है। आयोग ने कहा कि सभी अनावेदकगणों की उपस्थिति के बाद ही प्रकरण पर आगे सुनवाई की जा सकेगी। प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया है।
मकान टैक्स के नाम पर 40 हजार रुपये की ठगी का आरोप
20 दिन में रकम लौटाने की दी गई समझाइश एक अन्य मामले में आवेदिका ने आरोप लगाया कि अनावेदक ने उसके मकान का टैक्स जमा कराने, टैक्स कम करवाने और रसीद देने के नाम पर उससे 40 हजार रुपये लिए, लेकिन अब तक न तो टैक्स जमा कराया और न ही रकम वापस की। सुनवाई के दौरान आयोग ने अनावेदक को 20 दिन के भीतर आवेदिका से ली गई रकम वापस करने की समझाइश दी। अनावेदक ने इसके लिए समय मांगा। प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया है।
जान से मारने की धमकी के मामले में न्यायालय जाने की सलाह
एक प्रकरण में आवेदिका ने अपने और अपनी दोनों बच्चियों को जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदिका ने बताया कि वह अपने और बच्चों के लिए अनावेदक से भरण-पोषण चाहती है, लेकिन उसके साथ नहीं रहना चाहती। उसने यह भी बताया कि अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामले की स्थिति को देखते हुए आयोग ने आवेदिका को न्यायालय जाने की सलाह दी। इसके बाद प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया गया।
समझाइश के बाद साथ रहने को तैयार हुए पति-पत्नी
दूसरी महिला और परिवार के सदस्यों को अगली सुनवाई में बुलाया एक अन्य प्रकरण में आयोग ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुना। समझाइश के बाद पति-पत्नी अपनी-अपनी शर्तों के साथ एक-दूसरे के साथ रहने के लिए तैयार हो गए। आयोग ने आगामी सुनवाई में दूसरी महिला और परिवार के सदस्यों को उपस्थित रखने के निर्देश दिए। प्रकरण को अगली सुनवाई के लिए रखा गया है।
पति के दूसरी महिला से संबंध का मामला
दूसरी महिला ने भी आयोग के समक्ष स्वीकार किया संबंध एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके पति का दूसरी महिला से अवैध संबंध है और वह उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। आयोग ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुना। आयोग के समक्ष पूछताछ के दौरान अनावेदक ने स्वीकार किया कि उसका दूसरी महिला से संबंध है और वह उसके साथ रह रहा है। दूसरी महिला ने भी आयोग के समक्ष अनावेदक के साथ संबंध में रहने की बात स्वीकार की। आयोग ने आगामी सुनवाई में दूसरी महिला के बच्चों को भी उपस्थित रखने के निर्देश दिए। प्रकरण को अगली सुनवाई के लिए रखा गया है।
संपत्ति विवाद के मामले में एसडीएम कोर्ट जाने की सलाह
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने संपत्ति विवाद से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग ने आवेदिका को स्थानीय जांच के लिए एसडीएम कोर्ट जाने की सलाह दी। इस समझाइश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया गया।
शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप
संबंधित थाने को न्यायोचित कार्रवाई के निर्देश एक प्रकरण में आवेदिका ने आरोप लगाया कि अनावेदक ने उसे शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक करीब 12 वर्षों से उसके साथ संबंध में था और लगातार शादी का आश्वासन देता रहा। उसने यह भी आरोप लगाया कि अनावेदक के परिवार वाले उसे लगातार धमकियां दे रहे हैं। आयोग ने मामले को विस्तार से सुनने के बाद संबंधित थाने को न्यायोचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रकरण को नस्तीबद्ध किया जाएगा।
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