दुर्ग (खबरगली) दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने दुर्ग जिले के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली में रह रहा था। वह सत्य निकेतन स्थित एक बॉयज पीजी में रहता था।
परिजनों में मचा कोहराम
युवराज की मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटे के बेहतर भविष्य और पढ़ाई को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे, उसकी अचानक मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग स्थित घर में मातम का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल है।
निर्माण और मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी इमारत
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसा इतना भयावह था कि मलबे में कई लोग दब गए।
इमारत के बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत का काम
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान एक पिलर के खिसकने के बाद इमारत का ढांचा कमजोर होने और उसके एक हिस्से के ढहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
हादसे में कई लोगों की मौत
इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में दुर्ग के रहने वाले छात्र युवराज सोनी का नाम भी शामिल है। हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक राहत और बचाव का काम चलता रहा।
घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमों ने मौके का निरीक्षण किया। इमारत के निर्माण और मरम्मत से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
छात्रों के बीच अहम इलाका है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र पीजी और किराए के कमरों में रहते हैं। इलाके में छात्रों की जरूरतों को देखते हुए बड़ी संख्या में हॉस्टल, पीजी, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी संचालित होते हैं।
ऐसे में इमारत हादसे ने इलाके में रहने वाले छात्रों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। दूर-दराज के राज्यों से दिल्ली में पढ़ाई करने आने वाले छात्र अक्सर पीजी और किराए के मकानों में रहते हैं। किसी भी निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा में थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था युवराज
युवराज सोनी महज 20 वर्ष का था और दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवराज अपने करियर में आगे बढ़ेगा और परिवार का नाम रोशन करेगा। लेकिन सत्य निकेतन हादसे ने इन सभी सपनों को एक झटके में तोड़ दिया।
परिवार के लिए सबसे मुश्किल घड़ी
परिवार के लिए सबसे मुश्किल घड़ी वह रही, जब उन्हें दिल्ली में हुए हादसे में युवराज के मारे जाने की सूचना मिली। बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजन सदमे में हैं। परिवार और परिचितों के बीच युवराज की मौत को लेकर गहरा दुख है।
हादसे की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह को लेकर आधिकारिक जांच का इंतजार है। प्रारंभिक तौर पर बेसमेंट में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य के दौरान पिलर खिसकने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन
इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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