नयी दिल्ली (खबरगली ) देश भर में मचे NEET-UG 2026 के महासंग्राम और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक आए इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है। एक महीने से अधिक समय से चले आ रहे उग्र विरोध प्रदर्शनों के बाद, केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच तीन दौर की मैराथन बैठक हुई। इस बैठक के बाद CJP ने अपना आंदोलन वापस लेने का बड़ा ऐलान कर दिया है। लेकिन क्या यह विवाद यहीं थम गया है? विपक्ष के नेता राहुल गांधी के तेवरों और नए शिक्षा मंत्री की रेस को लेकर उठे सवालों ने अब देश का सियासी पारा और चढ़ा दिया है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की हर छोटी-बड़ी इनसाइड स्टोरी।
सरकार ने घुटने टेके! CJP की तीनों मांगें मंजूर
केंद्र सरकार ने छात्रों और CJP के कड़े रुख के आगे झुकते हुए उनकी तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है:
पीड़ित परिवारों को बड़ा मुआवजा: NEET पेपर लीक से जुड़े तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को अधिकतम मुआवजा दिया जाएगा।
सभी FIR होंगी रद्द: केंद्र सरकार और NDA-शासित राज्यों द्वारा दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस ली जाएंगी। भविष्य में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी छात्र या व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
5-सूत्रीय परीक्षा सुधार पर मंथन: सरकार CJP द्वारा दिए गए 5-सूत्रीय परीक्षा सुधार प्रस्ताव पर विचार करेगी और आगे की रूपरेखा तैयार करने के लिए CJP के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें जारी रखेगी।
"सोनम वांगचुक के सत्याग्रह ने देश को जगाया" - अभिजीत दिपके
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के 26 दिनों के उपवास की सराहना करते हुए कहा: "सोनम वांगचुक के गांधीवादी सत्याग्रह ने पूरे देश की चेतना को जगा दिया। देश के युवाओं के लिए 26 दिनों तक उपवास रखना एक पवित्र और महान त्याग था। इसे इतिहास में उस नैतिक शक्ति के रूप में याद किया जाएगा जिसने हमें एकजुट किया।"
"उसको तो जाना ही था..." – राहुल गांधी के तल्ख तेवर, PM मोदी मांगें माफी!
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य की ऐतिहासिक जीत बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध अभी खत्म नहीं हुआ है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और RSS पर हमला बोलते हुए कहा:
शिक्षा व्यवस्था पर हमला: "भारत की शिक्षा प्रणाली कभी दुनिया में मिसाल हुआ करती थी, लेकिन सालों से इस पर कब्जा करने, इसे खोखला करने और इसका निजीकरण करने का काम किया गया।"
हिंसा करने वालों पर एक्शन: जिन लोगों ने निर्दोष छात्रों पर लाठियां चलाईं और हमला किया, उनके खिलाफ सख्त और प्रत्यक्ष कार्रवाई दिखनी चाहिए।
PM मोदी मांगें माफी: राहुल गांधी ने मांग की कि पूरी शिक्षा व्यवस्था को अंदर से खोखला करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
कौन बनेगा अगला शिक्षा मंत्री?संजय राउत के दावे से सियासी हलचल!
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश का अगला शिक्षा मंत्री कौन होगा? इस बीच, शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र के नेता देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में लाकर देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सरकार की तरफ से अभी किसी नाम का ऐलान नहीं हुआ है। वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय का प्रभार शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी और डॉ. सुकांत मजूमदार संभाल रहे हैं।
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