डिजिटल इंडिया में 'गोल्डन' बदलाव की मांग: रायपुर सराफा एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Demand for 'Golden' Reforms in Digital India: Raipur Bullion Association Submits Memorandum to the Prime Minister; Association President Dharam Bhansali and Secretary Jitendra Golchha Raipur, Chhattisgarh Khabargali

रायपुर (khabargli ) देश में सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों और व्यापारिक जटिलताओं को देखते हुए रायपुर सराफा एसोसिएशन ने हुंकार भरी है। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के संयुक्त तत्वावधान में एसोसिएशन के अध्यक्ष धरम भंसाली एवं सचिव जितेन्द्र गोलछा ने प्रधानमंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण मांग पत्र सौंपा है। वर्तमान लोकसभा सत्र के दौरान उठाई गई इन मांगों का मुख्य उद्देश्य ज्वैलरी कारोबार में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना और ग्राहकों की सहूलियत बढ़ाना है।

Demand for 'Golden' Reforms in Digital India: Raipur Bullion Association Submits Memorandum to the Prime Minister; Association President Dharam Bhansali and Secretary Jitendra Golchha Raipur, Chhattisgarh Khabargali

सराफा जगत की 4 प्रमुख मांगें

UPI सीमा में बड़ी वृद्धि

सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं। अब 20 ग्राम सोना खरीदने पर भी बिल 1.5 लाख रुपये से ऊपर चला जाता है। ऐसे में वर्तमान UPI लिमिट नाकाफी है, इसे तत्काल बढ़ाने की मांग की गई है। 5 मिनट में बैंक बेनिफिशियरी एक्टिवेशन: वर्तमान में RTGS/NEFT के लिए नए लाभार्थी को जोड़ने में घंटों लग जाते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि इसे अधिकतम 5 मिनट किया जाए ताकि ग्राहक को शोरूम में इंतजार न करना पड़े।

बैंकिंग नियमों का सरलीकरण

सभी बैंकों में डिजिटल लेनदेन और डेली ट्रांसफर लिमिट के नियम एक समान और पारदर्शी होने चाहिए, ताकि व्यापारियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

नकद लेनदेन सीमा पर पुनर्विचार

ग्रामीण क्षेत्रों और शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए, पक्के बिल (Invoice) पर होने वाले नकद लेनदेन की सीमा को अधिक व्यावहारिक बनाने का आग्रह किया गया है।

किसे होगा फायदा?

ग्राहकों को: सुरक्षित, तेज और बाधा मुक्त खरीदारी का अनुभव मिलेगा।

ज्वैलर्स को: व्यापारिक माहौल बेहतर होगा और लेनदेन की प्रक्रिया सरल होगी। इस ज्ञापन को सौंपते समय रायपुर सराफा एसोसिएशन की कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित रहे। सराफा जगत को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इन व्यावहारिक समस्याओं पर सकारात्मक रुख अपनाएगी।

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