हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के नए प्रभारी कुलसचिव डॉ. अनिल पांडेय, भूपेंद्र कुलदीप हटाए गए

 Dr. Anil Pandey and Bhupendra Kuldeep removed as the new Registrar-in-charge of Hemchand Yadav University. bhilai news latest news khabargali

भिलाई (खबरगली) हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को उनके पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर भेज दिया गया है। उनकी जगह दुर्ग के साइंस कॉलेज के इतिहास विभाग में पदस्थ प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किया। आदेश के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज में नई व्यवस्था लागू हो गई है। डॉ. पांडेय अब प्रभारी कुलसचिव के तौर पर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे।

समन्वय समिति के अनुमोदन के बाद फैसला

जानकारी के अनुसार कुलसचिव के पद में यह बदलाव समन्वय समिति की बैठक में अनुमोदन के बाद किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में भूपेंद्र कुलदीप को उच्च शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर में पदस्थ किए जाने का उल्लेख है। वहीं डॉ. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया गया है। हालांकि, शासन के आदेश में भूपेंद्र कुलदीप को कुलसचिव के पद से हटाने या उनका स्थानांतरण किए जाने का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में प्रशासनिक बदलाव की वजह को लेकर अलग-अलग चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन विभागीय आदेश में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

डॉ. अनिल पांडेय संभालेंगे प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी

डॉ. अनिल कुमार पांडेय वर्तमान में साइंस कॉलेज दुर्ग के इतिहास विभाग में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। अब उन्हें हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव का पद प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े विभागीय समन्वय, परीक्षा एवं अन्य संस्थागत प्रक्रियाओं में कुलसचिव की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में डॉ. पांडेय के सामने विश्वविद्यालय के नियमित प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।

भूपेंद्र कुलदीप के कार्यकाल में उठे थे सवाल

भूपेंद्र कुलदीप के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ मामलों को लेकर विवाद भी सामने आए थे। इनमें दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के वेतन में कथित गड़बड़ी का मामला शामिल है। इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।इसके अलावा विश्वविद्यालय की सरकारी कार की मरम्मत में कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर भी उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जांच की जा रही है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और आरोपों की जांच प्रक्रिया जारी है।


 

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