लॉन्च के दौरान ही फटा चीनी रॉकेट, 9 कंबोडियाई सैनिकों की मौत

Chinese rocket explodes during launch, killing 9 Cambodian soldiers hindi News latest News big News khabargali

कंबोडिया( खबरगली) थाईलैंड सीमा पर जारी तनाव के बीच एक बार फिर चीन निर्मित हथियारों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को सीमा के पास उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब कंबोडियाई सेना थाईलैंड की ओर चीनी रॉकेट सिस्टम से हमला करने की तैयारी कर रही थी। लॉन्चिंग के दौरान ही चीन निर्मित रॉकेट अचानक फट गया, जिससे मौके पर मौजूद 8 कंबोडियाई सैनिकों की मौत हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लॉन्च के दौरान रॉकेट सिस्टम में जोरदार विस्फोट और आग की लपटें साफ देखी जा सकती हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंबोडियाई सैनिक चीन निर्मित मल्टी लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) टाइप 90B से थाईलैंड की ओर रॉकेट दागने की तैयारी कर रहे थे। जैसे ही लॉन्चिंग की प्रक्रिया शुरू हुई, उसी दौरान रॉकेट सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते भीषण विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरा लॉन्चर ट्रक आग की चपेट में आ गया और आसपास मौजूद सैनिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में कम से कम 8 कंबोडियाई सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना कंबोडिया-थाईलैंड सीमा के बेहद नजदीक हुई है।

जहां दोनों देशों की सेनाएं लंबे समय से आमने-सामने हैं। पिछले कुछ महीनों से विवादित इलाके को लेकर दोनों देशों के बीच रॉकेट और तोपखाने की गोलाबारी जारी है। इसी संघर्ष के दौरान कंबोडियाई सेना चीनी हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है, लेकिन बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों ने उसकी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लॉन्च के दौरान हुए इस विस्फोट का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चीन निर्मित हथियारों की गुणवत्ता को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लाइव लॉन्च के दौरान इस तरह का विस्फोट न केवल हथियारों की तकनीकी कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि उन देशों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता है, जो चीनी हथियारों पर निर्भर हैं। इस घटना के बाद कंबोडिया में चीन पर भरोसे को गहरा झटका लगा है।

जानकारों के मुताबिक, टाइप 90B MLRS चीन का एक प्रमुख रॉकेट सिस्टम माना जाता है, जिसे कई देशों को निर्यात किया गया है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में अलग-अलग संघर्षों के दौरान इन हथियारों के फेल होने की खबरें सामने आती रही हैं। कंबोडिया-थाईलैंड संघर्ष में भी यह पहला मौका नहीं है, जब चीनी रॉकेट सिस्टम में खराबी की बात सामने आई हो। दिसंबर 2025 में भी इस तरह की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई थी, लेकिन ताजा हादसे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विस्फोट कंबोडिया-थाईलैंड के बीच जारी संघर्ष को और जटिल बना सकता है। दक्षिण-पूर्व एशिया में यह टकराव बीते कई वर्षों में सबसे तीव्र सीमा झड़पों में से एक माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच विवादित भूमि को लेकर लगातार सैन्य कार्रवाई हो रही है, जिसमें अब तक दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है और पांच लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।

चीनी हथियारों के फेल होने का यह सिलसिला नया नहीं है। इससे पहले मई 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान भी पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए कई चीनी हथियार असफल साबित हुए थे। भारत के खिलाफ लॉन्च की गई चीनी मिसाइलें, ड्रोन और अन्य हथियार कई मामलों में अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय हो गए थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान चीनी हथियारों के फुस्स होने की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की किरकिरी कराई थी। अब कंबोडिया-थाईलैंड संघर्ष के दौरान सामने आए इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या चीनी हथियार वास्तव में युद्ध के लिहाज से भरोसेमंद हैं। रक्षा मामलों के जानकार मानते हैं कि ऐसे हादसे न केवल सैनिकों की जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि रणनीतिक साझेदारियों पर भी असर डालते हैं। 

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच तनाव कम करने के लिए अमेरिका की ओर से पहले भी दो बार युद्धविराम की कोशिशें की गई थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन ताजा हालात में यह समझौता टूट चुका है। इसके बाद से सीमा पर हालात फिर तनावपूर्ण बने हुए हैं और गोलाबारी का सिलसिला जारी है। फिलहाल, वायरल हो रहा वीडियो नवंबर-दिसंबर 2025 के दौरान हुए संघर्ष का बताया जा रहा है। हालांकि, इस घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को लेकर चिंता और बढ़ गई है। कंबोडियाई सेना की ओर से अभी तक इस हादसे पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि चीन निर्मित हथियारों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर आंतरिक समीक्षा की जा सकती है।

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