रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ी भाषा और स्थानीय बोलियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा आगामी 11 मई, 2026 को एक भव्य ‘एक दिवसीय जिला सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। यह गरिमामय कार्यक्रम राजधानी के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में सुबह 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक चलेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे राजेश अग्रवाल , संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, छ.ग. शासन और बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लोकसभा क्षेत्र रायपुर, एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक रायपुर उत्तर, श्री अनुज शर्मा, विधायक धरसींवा, डॉ. रोहित यादव, सचिव, संस्कृति विभाग, छ.ग. शासन, श्री विवेक आचार्य, संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा एवं डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र जी, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग होंगे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अभिलाषा बेहार, सचिव छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा तथा अध्यक्षीय भाषण आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा जी, द्वारा दिया जाएगा।
साहित्यकारों का होगा सम्मान
सम्मेलन में रायपुर संभाग के सभी जिलों से छत्तीसगढ़ी और अन्य स्थानीय बोलियों के मूर्धन्य साहित्यकार और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी भाषा की निस्वार्थ सेवा करने वाले प्रमुख साहित्यकारों का सम्मान किया जाएगा, जिनमें श्री विजय मिश्रा ‘अमित’ (रायपुर), श्रीमती सुमन शर्मा बाजपेयी (रायपुर) और श्री चन्द्रहास साहू (धमतरी) के नाम शामिल हैं।
8 नई पुस्तकों का होगा विमोचन
आयोग द्वारा प्रकाशित आठ नवोदित और अनुभवी साहित्यकारों की कृतियों का विमोचन इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा:
डॉ. पीसी लाल यादव – कुँवर अछरिया अउ राजा बेलसरिया डॉ. दीनदयाल साहू – पीरा
श्री राजकुमार निषाद ‘राज’ – धरोहर जस जवारा, जस पचरा गीत
श्री पुनीत गुरूवंश – जिनगी एक रहस्यमय हे
श्री कमलेश शर्मा – बूंदा बिहतरी
श्री मुकेश कुमार – भरम आदि के दुनिया
श्री कामता प्रसाद देशलहरा ‘अकेला’ – भुईयां के सिंगार
श्री शत्रुघन सिंह राजपुत – आखर वंदन
विशेष चर्चा गोष्ठी: 'पुरखा के सुरता'
कार्यक्रम के दौरान 'पुरखा के सुरता' स्तंभ के तहत दिवंगत साहित्यकार स्व. सुशील भोले के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विशेष चर्चा गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसके मुख्य वक्ता खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से पधारे डॉ. पीसी लाल यादव होंगे। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री विजय मिश्रा ‘अमित’ द्वारा किया जाएगा।
काव्य पाठ और पुस्तक प्रदर्शनी
सम्मेलन के समापन सत्र में आमंत्रित कवियों द्वारा छत्तीसगढ़ी और स्थानीय बोलियों में मधुर काव्य पाठ किया जाएगा। साथ ही, परिसर में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों और आमंत्रित साहित्यकारों की कृतियों की एक भव्य पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो पाठकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
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