बिलासपुर (खबरगली) प्रदेश के शहरी इलाकों में सफर की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। आम जनता को प्रदूषणमुक्त, आरामदायक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में रविवार को नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निवास कार्यालय में रियायत समझौते हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। यह अनुबंध बस संचालन के लिए चयनित प्रतिष्ठित कंपनी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड (अहमदाबाद) और बिलासपुर सहित संबंधित शहरों की अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसायटी के बीच होगा।
240 ई बसों का प्रावधान
इस अहम कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव के साथ-साथ चारों संबंधित नगर निगमों के अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के निर्देशानुसार, रविवार दोपहर 3 बजे उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले इस कार्यक्रम में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई के चयनित शहरों के महापौर और जिला कलेक्टरों को भी आमंत्रित किया गया है। योजना के तहत प्रदेश के चार प्रमुख शहरों के लिए कुल 240 ई-बसों का प्रावधान किया गया है।
इन शहरों में इतनी ई-बसें
रायपुर-100
बिलासपुर-50
दुर्ग-भिलाई-50
कोरबा-40
कंपनी ने बैंक गारंटी जमा कर दी
इस प्रोजेक्ट के तहत संचालन कंपनी ने बिलासपुर नगर निगम के पास 1.50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भी जमा कर दी है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, इन बसों का भव्य लोकार्पण इस साल दिसंबर में संभावित है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराए जाने की तैयारी है। अनुबंध के बाद बसों की उपलब्धता, डिपो और जरूरी बुनियादी सुविधाओं को अमलीजामा पहनाने का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
कोनी चार्जिंग स्टेशन का काम अंतिम चरण में
बिलासपुर में ई-बसों के संचालन के लिए कोनी स्थित सिटी बस टर्मिनल में चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है, जहां निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। सीएसईबी (बिजली विभाग) की ओर से बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि बसें सड़क पर उतरने से पहले चार्जिंग की मुकम्मल व्यवस्था हो सके। इसके अलावा शहर के भीतर नए रूट तय करने, बसों के दैनिक परिचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़े अन्य इंतजामों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
किराए और संचालन की व्यवस्था
योजना के प्रावधानों के अनुसार, संचालन कंपनी बसों और ड्राइवरों की पूरी व्यवस्था संभालेगी, जबकि बसों में कंडक्टर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्थानीय अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसायटी की होगी। कंपनी को बसों के संचालन के एवज में प्रति किलोमीटर 60 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। वहीं, यात्रियों से सफर के लिए कितना किराया लिया जाएगा, इसका फैसला संबंधित सोसायटी द्वारा किया जाएगा। यात्रियों से मिलने वाला किराया सीधे सोसायटी के खाते में जमा होगा और वहीं से कंपनी को तय नियमों के
तहत भुगतान किया जाएगा।
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