खबरगली की विशेष रिपोर्ट
रायपुर (खबरगली) भारतीय रेलवे को चूना लगाने और यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा खेल सामने आया है। "खबरगली" आज आपको दिखा रहा है कि कैसे रेलवे के ठेकेदार अपने निजी स्वार्थ के लिए करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा कर रहे हैं और नियमों को ताक पर रखकर रेल परिसर में अवैध ब्रांडों को बढ़ावा दे रहे हैं।
1. यात्रियों की जेब पर डाका, ठेकेदारों की चांदी
रेलवे प्रशासन यात्रियों को मात्र 14 रुपये में शुद्ध 'रेल नीर' उपलब्ध कराने का दावा करता है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। ट्रेनों में वेंडर धड़ल्ले से 'Rendew' नामक लोकल ब्रांड का पानी 20 रुपये में बेच रहे हैं। यानी हर एक बोतल पर यात्री की जेब से 6 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। यह सीधा-सीधा रेलवे के राजस्व को नुकसान और ठेकेदारों की अवैध कमाई का जरिया बन गया है।
2. स्वास्थ्य से खिलवाड़ और वेंडरों की दबंगई
गुणवत्ताहीन लोकल ब्रांड का पानी यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। हद तो तब हो गई जब अवैध पानी बेच रहे वेंडरों ने रिपोर्टिंग के दौरान धमकी देते हुए कहा कि "ट्रेन में न तो अब खाने को कुछ मिलेगा और न ही पानी।" वेंडरों का तर्क है कि 'रेल नीर' की अनुपलब्धता के कारण वे दूसरा ब्रांड बेचते हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर ये लोकल ब्रांड प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के भीतर तक पहुंच कैसे रहे हैं?
3. सुरक्षा और निगरानी पर बड़े सवाल
जिन ट्रेनों में पेंट्रीकार की सुविधा नहीं है, वहां बाहरी वेंडर असुरक्षित खाद्य सामग्री और पानी बेचकर यात्रियों को बीमार कर रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्य विभाग की नाक के नीचे करोड़ों का यह खेल चल रहा है।
सवाल 1: जब 'रेल नीर' अनिवार्य है, तो प्लेटफॉर्म के भीतर 'Rendew' जैसे ब्रांड की एंट्री कैसे हुई?
सवाल 2: क्या रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदारों के इस निजी स्वार्थ और भ्रष्टाचार से अनजान हैं?
सवाल 3: यात्रियों की सेहत और राजस्व के इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? रेलवे के राजस्व को प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान पहुँचाने वाला यह 'पानी का खेल' अब जांच का विषय है।
खबरगली इस मामले में प्रशासन से जवाबदेही की मांग करता है ताकि यात्रियों को उनके हक का सस्ता और शुद्ध पानी मिल सके।
बताते चलें कि रेल नीर (Rail Neer) रेलवे में इसलिए बेचा जाता है क्योंकि यह भारतीय रेलवे का अपना ब्रांड है, जो यात्रियों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) द्वारा बेचा जाता है, जिससे यात्रियों की बुनियादी ज़रूरत पूरी हो और रेलवे को राजस्व भी मिले।
नोट: रेल यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या खराब गुणवत्ता की शिकायत आप RailMadad पोर्टल पर या 139 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं।
- Log in to post comments