ओशो के ‘आध्यात्मिक संचार’ पर देश का दूसरा बड़ा शोध: वरिष्ठ पत्रकार विभाष कुमार झा को मिली पीएच.डी. की उपाधि

The country's second major research on Osho's 'spiritual communication': Senior journalist Vibhas Kumar Jha receives PhD degree, doctorate awarded by Shri Shankaracharya Professional University, Bhilai. Dr. Dhanesh Joshi, Research Director and Head of the

भिलाई की श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने प्रदान की डॉक्टरेट; 38 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं डॉ. झा

रायपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया शिक्षक विभाष कुमार झा को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की मानद उपाधि से नवाजा गया है। उन्हें यह उपाधि भिलाई (जिला दुर्ग) स्थित श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान की गई है। डॉ. झा ने ‘आध्यात्मिक संचार में ओशो का योगदान : एक समग्र अध्ययन’ विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है।

यह महत्वपूर्ण शोध कार्य उन्होंने विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शोध निदेशक व विभागाध्यक्ष डॉ. धनेश जोशी के कुशल निर्देशन में संपन्न किया।

शोध की मुख्य विशेषताएं

अनोखा विषय: डॉ. झा का यह शोध आध्यात्मिक संचार के क्षेत्र में ओशो के अनूठे विचारों को रेखांकित करता है।व्यापक अध्ययन: इसमें ओशो की विशिष्ट संप्रेषण (Communication) शैली और समाज पर पड़े उनके गहरे प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

ऐतिहासिक उपलब्धि: जनसंचार विषय के अंतर्गत ओशो पर केंद्रित यह पूरे देश में केवल दूसरा शोध अध्ययन है।

उपलब्धियों से भरा रहा है 38 वर्षों का सफर

डॉ. विभाष झा पिछले 38 वर्षों से हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता में लगातार सक्रिय हैं। पत्रकारिता में उनके उत्कृष्ट और शोधपूर्ण लेखन के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं:

2002: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 'चंदूलाल चंद्राकर फेलोशिप' से सम्मानित।

2004: नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया, नई दिल्ली द्वारा 'नेशनल मीडिया फेलोशिप'।

2006: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 'राष्ट्रीय मीडिया फेलोशिप'।

2008: प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय सरोजिनी नायडू राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार’।

2010: केंद्र सरकार का गौरवशाली ‘भारतेंदु हरिशचंद्र पत्रकारिता पुरस्कार’।

साहित्यिक योगदान और वर्तमान भूमिका

लेखन के क्षेत्र में भी डॉ. झा का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ हिंदी ग्रंथ अकादमी से उनकी दो प्रमुख पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ‘हिंदी पत्रकारिता का इतिहास- छत्तीसगढ़’ और राज्य का संदर्भ-ग्रंथ ‘छत्तीसगढ़ समग्र’ शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने दो अन्य शोध-आधारित किताबें भी लिखी हैं।

वर्तमान में वे रायपुर के एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही वे आकाशवाणी रायपुर के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक (नैमित्तिक) समाचार वाचन और दूरदर्शन केंद्र रायपुर में समाचार संपादन के कार्य से भी जुड़े हुए हैं।

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