रायपुर (खबरगली) सेंट्रल जेल रायपुर की महिला बंदी अब वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने परिजनों और अधिवक्ता से बातचीत कर सकेंगी। मदर्स डे के अवसर पर जेल विभाग और भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा पहली बार यह सिस्टम शुरू किया गया है।रविवार को इसका शुभारंभ जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने किया। उन्होंने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत रायपुर के महिला जेल में सेटअप लगाकर इसकी शुरुआत की गई है।
जल्दी ही इसे सेंट्रल जेल बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर के साथ ही जिला जेल रायगढ़, कांकेर, बैकुंठपुर और जशपुर में शुरू किया जाएगा। इसे शुरू करने से बातचीत करने के साथ ही वीडियो भी दिखाई देगा। इसके लिए बीएसएनएल के साथ जेल प्रशासन द्वारा एमओयू किया गया है। सप्ताह में प्रत्येक महिला बंदी को एक बार 5 मिनट बात करने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें 5 रुपए प्रतिमिनट शुल्क देना पड़ेगा। बता दें कि रायपुर के महिला जेल में इस समय करीब 200 महिला कैदी और बंदियों को रखा गया है।
सभी जेलों में शुरू होगी कॉलिंग सिस्टम
जेल डीजी गुप्ता ने बताया कि जल्दी ही प्रदेश के सभी 33 जेलों में अतिरिक्त ऑडियो सिस्टम लगाया जाएगा। इसके जरिए कैदी अपने परिजनों से मोबाइल फोन के जरिए बातचीत कर सकेंगे। इसमें महिला और पुरुष जेल को शामिल है। इसके लिए सभी जेलों में सेटअप तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने से सिस्टम को शुरू किया जाएगा। इस समय सभी 5 केंद्रीय जेल में यह व्यवस्था है।
केंद्रीय जेल में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र शुरू
वहीं, जेल से रिहाई के बाद बंदियों को दोबारा अपराध की दुनिया में जाने से रोकने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की जेलों में संचालित निश्चय कार्यक्रम के तहत शनिवार 10 मई 2026 को केंद्रीय जेल रायपुर और महिला जेल रायपुर में कौशल विकास प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान 67 बंदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत युवा बंदियों को काउंसलिंग, अपराध बोध की जानकारी, स्वरोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण और रिहाई के बाद बैंक के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
- Log in to post comments