रायपुर ( खबरगली) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कोषाध्यक्ष रामअवतार जग्गी हत्याकांड की फाइल लंबे अर्से बाद फिर खुली है। यह घटना 4 जून 2003 को मौदहापारा रायपुर थाने के चंद कदम दूरी पर हुई। घटना के समय वह अपनी कार से घर जा रहे थे। इसी दौरान रात करीब 11 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी।
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