राहुल गांधी ने कहा- FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं, मैं किसानों के लिए लड़ूंगा
नई दिल्ली (खबरगली) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म करने को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया है। उनके चुनाव लड़ने पर भी आजीवन प्रतिबंध की मांग की गई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने यह मूल प्रस्ताव (सब्सटैंटिव मोशन) पेश किया है। उन्होंने कहा है- मैंने एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें मैंने बताया है कि राहुल गांधी सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और USAID से जुड़े रहते हैं। वह थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और अमेरिका जैसे देशों की यात्राएं करते हैं और उनका संबंध भारत-विरोधी ताकतों से है। मैंने उनकी सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है।
निशिकांत दुबे का यह प्रस्ताव ऐसे वक्त में आया है जब संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बीते 10 दिनों से गतिरोध है। विपक्ष के सांसद संसद के अंदर और बाहर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही भी लगातार बाधित रही है। हाल ही में विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव राहुल गांधी को बोलने का मौका न देने, विपक्ष के 8 सांसदों को पूरे बजट सत्र से सस्पेंड करने, बीजेपी सांसद द्वारा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर विवादित टिप्पणी करने पर एक्शन न लेने और पीएम मोदी को विपक्ष से खतरे वाला बयान देने जैसी बातों के कारण लगाया गया। माना जा रहा है कि इसी के जवाब में भाजपा की ओर से निशिकांत दुबे अब राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लेकर आए हैं।
किन मुद्दों पर आमने-सामने है भाजपा
कांग्रेस- जनरल नरवणे: पूर्व आर्मी चीफ की एक किताब को कारवां मैगजीन ने सोमवार (2 फरवरी) को पब्लिश किया। इसमें भारत-चीन के बीच अगस्त 2020 के तनाव के दौरान मोदी सरकार के रवैये का जिक्र है। राहुल गांधी ने इस किताब के कुछ अंशों को लोकसभा में पढ़ने की कोशिश की। लेकिन उन्हें स्पीकर से अनुमति नहीं मिली। इसी को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। ऐसे में कई बार लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। जनरल नरवणे की इस किताब को रक्षा मंत्रालय ने अब तक पब्लिश करने की अनुमति नहीं दी है।
इंडिया-US ट्रेड डील: सोमवार (2 फरवरी) को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हुई। इसके बाद अमेरिका ने भारत पर से टैरिफ घटाकर 18% कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस डील के लिए ट्रम्प की शर्तें मानी हैं और अमेरिका के दबाव में रूस से तेल खरीद बंद कर दी है। विपक्ष की मांग है कि इस डील पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
एपस्टीन फाइल्स: अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी कई फाइलें रुक-रुककर रिलीज हो रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि इन फाइलों में PM मोदी का भी जिक्र है। इसीलिए अपना नाम के खुलासे को छिपाने के लिए मोदी ने अमेरिका की शर्तों को मानते हुए ट्रेड डील साइन की है।
पहले भी रद्द हो चुकी है राहुल की संसद सदस्यता
मार्च 2023 में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसका कारण 2019 का एक चुनावी भाषण था। एक रैली में उन्होंने कहा था, ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी कैसे होता है'। इस पर सूरत की एक कोर्ट ने मानहानि माना था और राहुल को दो साल की सजा सुनाई थी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत दो साल या उससे ज्यादा की सजा होने पर सांसद की सदस्यता समाप्त हो जाती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को उनकी सजा पर अंतरिम रोक लगा दी थी, इसके बाद उनकी सदस्यता फिर से बहाल कर दी थी।
मैं पीछे नहीं हटुंगा : राहुल गांधी
वहीं कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनके खिलाफ चाहे एफआईआर दर्ज हो या मुकदमा या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाए वो किसानों के लिए लड़ेंगे और पीछे नहीं हटेंगे।
संसद के बाहर पत्रकारों पर हमला बोला
संसद के बाहर बुधवार (12 फरवरी) को अपने खिलाफ लाए गए प्रिविलेज मोशन के बारे में पूछे गए पत्रकारों के सवालों पर राहुल भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आप इस देश का नुकसान कर रहे हैं."आप पूरी तरह से BJP के लिए काम नहीं करते हैं. कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव काम करने की कोशिश करें. यह सच में शर्मनाक हो जाता है… यह बहुत ज्यादा है.आप जिम्मेदार लोग हैं.आप मीडिया के लोग हैं, आपकी जिम्मेदारी है कि आप ऑब्जेक्टिव रहें. आप हर दिन उनके दिए गए एक शब्द को लेकर अपना पूरा शो नहीं चला सकते. आप इस देश का नुकसान कर रहे हैं."
- Log in to post comments