रायपुर (खबरगली) रायपुर रेलवे स्टेशन में शुक्रवार को एक दुखद घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया। दरअसल बिहार जा रही महिला प्रेग्नेट थी, उसका नौवां महीना चल रहा था। अचानक दर्द उठा और रायपुर स्टेशन में उतरते ही उसे प्रसव कराना पड़ा। इस दौरान बच्चे की मृत्यु हो चुकी थी, इसपर बिलासपुर जोन के सीपीआरओ सुष्कर विपलव राव का कहना था, कि महिला की जानकारी मिलती ही टीम स्टेशन में पहुंची। लेकिन बच्चा 5 माह का प्री- मैच्योर था, कुछ कारणवश मिस कैरेज हुआ है। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
दरअसल महिला गाड़ी 17005 सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रही थीं। उसके साथ 3 से 4 परिजन थे, उनके पास आगे की बिहार तक की टिकट थीं। चलती ट्रेन में महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-5 पर आपात स्थिति में उतारकर प्रसव कराना पड़ा। इस दौरान रेलवे कर्मचारियों, महिला यात्रियों और सफाई कर्मियों ने चादरों व साड़ियों का घेरा बनाया, जिसके भीतर रेलवे डॉक्टर ने प्रसव कराया। पर समय से पहले जन्म लेने के कारण नवजात बच ना सका।
कंट्रोल रूम में जानकारी मिलते ही पहुंची टीम
बीच रास्ते में स्थिति को देखते हुए यात्रियों ने इसकी सूचना टीटीई को दी, जिसके बाद कमर्शियल कंट्रोल रूम के माध्यम से रायपुर स्टेशन पर मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई। ट्रेन प्लेटफॉर्म क्रमांक-5 पर पहुंची तो महिला की स्थिति गंभीर हो चुकी थी और प्रसव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ऐसे में महिला यात्रियों और सफाई कर्मचारियों ने मदद की। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात का जन्म निर्धारित समय से पहले हुआ था, इसलिए उसे बचाया नहीं जा सका। प्रसव के बाद महिला को बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
24 घंटे एबुलेंस की सुविधा की बात कही थी
पहली बार नहीं है जब स्टेशन में इस तरह की घटना हुई हो इससे पहले मार्च माह में एक महिला बेहोश होकर गिर पड़ी जिसे आधा घंटे तक इलाज के लिए ले जा न सका। इस तरह के पहले भी कई तरह के घटना हुए है। जानकारी के अनुसरा स्टेशन में 24 घंटे एंबुलेंस के सेवा मिलने की बात कही गई थीं। इसके लिए स्टेशन परिसर में मंदिर के पास जगह भी डिसाइड था, लेकिन कुछ दिनों तक एंबुलेंस खड़ी रही। उसके बाद से यह पूरी तरह गायब हो गई। इस बारे में बिलासपुर के सीपीआरओ का कहना है कि, रेलवे इसके लिए कोशिस कर रही है। जल्द ही एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। वहीं सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी का कहना है कि 24 घंटे ऑन कॉल पर एंबुलेंस की सुविधा है।
परिजन ने बताया आंखो देखा हकीकत
गर्भवती की सासू मां पारो राय ने बताया कि वे परिवार सहित हैदराबाद के मुर्गी फार्म में काम करते हैं। बहू को नौवां महीना लग चुका था, डिलीवरी गांव में हो यही सोचकर घर जा रहे थे। अपने निवास झारखंड जाने के लिए रात में 11 बजे 17005 सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस में चढ़े, तब बहू को किसी तरह की परेशानी नहीं थी। सुबह 10 बजे के करीब ट्रेन जब गोंदिया और राजनांदगांव के बीच पहुंची, प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, पेट में असहनीय दर्द होने लगा। ट्रेन में बैठे अन्य लोगों ने कहा कि रायपुर स्टेशन में उतर जाना वहां से अस्पताल चले जाना।
बहू जोर-जोर से चीख रही थी, दर्द से कराह रही थी। पर हम बेबस थे, कुछ समझ नहीं आ रहा था। हमें इंतजार था कि कब ट्रेन रायपुर पहुंचे और हम बहू का प्रसव कराएं। दोपहर करीब एक बजे ट्रेन रायपुर स्टेशन पर रूक। हमने टीटीई को सूचना दी। तब तक दर्द काफी बढ़ चुका था। रेलवे के स्टाफ आए पूछताछ की फिर डाॅक्टर बुलाया। कुछ देर बाद डाॅक्टर आए और स्थिति गंभीर बताते हुए कहा कि जल्दी डिलीवरी कराना पड़ेगा। तब तक उनकी स्थिति संभाल रहे सफाई कर्मियों ने जल्द ही साड़ियों और चादरों का घेरा बनाया।
स्टेशन में बेहोश होकर गिरी लड़की, अधिकारी ने अपने गाड़ी से भेजा
शनिवार को दोपहर करीब ढाई बजे ट्रेन से रायपुर आ रही युवती किरण पटेल अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। इसकी सुचना तुरंत रेल मदद को दी गई, जिसके बाद मेडिकल की टीम व रेलवे कर्मचारी तुरंत मौक पर पहुंचे। युवती को बैटरी कार में बैठाकर वीआईपी गेट से बाहर लेकर आया गया। इस दौरान इसकी सूचना सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी से युवती को अस्पताल भेजवाया। एंबुलेस को इसकी सूचना दे दी गई थीं, पर आने में देरी होती, इसलिए तुरंत अधिकारी में मेडिकल स्टॉफ के साथ अस्पताल भेजवाया।
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