छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द? 300 रुपये से सीधे 5,000 रुपये तक पहुंचे बिजली बिल, जनता में बढ़ा आक्रोश : माखन ताम्रकार

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अभनपुर क्षेत्र में भारी-भरकम बिजली बिलों पर जनता कांग्रेस जे के का हमला, बोले— गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रही दोहरी मार

रायपुर/अभनपुर (खबरगली ) छत्तीसगढ़ के अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों बिजली के बढ़े हुए बिल लोगों की सबसे बड़ी चिंता बन गए हैं। ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके बिजली बिलों में अचानक कई गुना वृद्धि हो गई है। पहले जहां हर महीने 200 से 400 रुपये तक बिजली बिल आता था, वहीं अब कई उपभोक्ताओं को 3,000 से 5,000 रुपये तक के बिल थमाए जा रहे हैं। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे के रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष माखन ताम्रकार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार और बिजली विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद आम उपभोक्ताओं की परेशानियां लगातार बढ़ी हैं और गरीब परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिलों से ग्रामीणों में नाराजगी

माखन ताम्रकार ने दावा किया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों और कॉलोनियों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिल अचानक कई गुना बढ़ गए हैं। लोगों का कहना है कि जिन घरों में न तो एयर कंडीशनर है और न ही अन्य बड़े बिजली उपकरण, वहां भी हजारों रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार पहले जिन परिवारों का मासिक बिजली बिल 200 से 400 रुपये के बीच आता था, अब वही परिवार 3,000 से 5,000 रुपये तक का बिल भरने को मजबूर हैं। इससे गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।

'दो वक्त की रोटी पर संकट', परिवारों की बढ़ी चिंता

माखन ताम्रकार का कहना है कि अचानक बढ़े बिजली बिलों ने आम लोगों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। रोज कमाकर खाने वाले परिवारों के सामने अब बिजली बिल चुकाना बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन घरों में बिजली की खपत बेहद कम है, वहां भी भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। इससे लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है और उपभोक्ता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ बढ़ रहा आक्रोश

माखन ताम्रकार ने कहा कि क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों से साफ है कि लोग बिजली बिलों को लेकर बेहद परेशान हैं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह व्यवस्था आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली बिलों की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी गई तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।

बिजली कार्यालय के घेराव की चेतावनी

माखन ताम्रकार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा नहीं की गई और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्मार्ट मीटर से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन उपभोक्ताओं को गलत या अत्यधिक बिल मिले हैं, उन्हें तत्काल राहत दी जाए।

क्या कहते हैं उपभोक्ता?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली की खपत में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बिल कई गुना बढ़ गए हैं। इससे लोगों में भ्रम और असंतोष दोनों बढ़ रहे हैं। उपभोक्ताओं की मांग है कि बिजली विभाग मीटरों की तकनीकी जांच कर वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल जारी करे। 

अभनपुर में बढ़े हुए बिजली बिलों का मामला अब केवल उपभोक्ताओं की शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा जनसरोकार बनता जा रहा है। यदि समय रहते बिजली विभाग और सरकार ने पारदर्शी जांच कर समाधान नहीं निकाला, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक रूप ले सकता है।

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